
- शरद मिश्रा
बांदा। क्या गरीब होना अब सबसे बड़ा अपराध बन गया है? क्या सरकारी आवास मांगने की कीमत किसी का आशियाना उजाड़कर चुकाई जाएगी? बांदा के जमरेही गांव से सामने आई एक महिला की शिकायत ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि बिना किसी नोटिस के उसकी 20 साल पुरानी झोपड़ी और रोजी-रोटी का सहारा बनी दुकान बुलडोजर से ढहा दी गई। इतना ही नहीं, विरोध करने पर मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का भी आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में सेवापति पत्नी दादूराम ने बताया कि वह गाटा संख्या-938 की लगभग दो बिस्वा भूमि पर पिछले करीब 20 वर्षों से छप्पर डालकर रह रही थीं।
परिवार का गुजारा लोहे के डिब्बे में पान, गुटखा और ठंडा पानी बेचकर होता था। बीमार पति, पांच बच्चों और सात माह के मासूम की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। महिला का आरोप है कि उसने सरकारी आवास के लिए आवेदन किया था,लेकिन उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न दे पाने पर उसने 25 फरवरी 2026 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, उसके अनुसार, उसे धमकी दी गई कि आवास नहीं मिलेगा और झोपड़ी भी हटवा दी जाएगी। सेवापति का आरोप है कि 19 जून 2026 को ग्राम प्रधान के पति, हल्का लेखपाल और पुलिस बल बुलडोजर लेकर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उसकी झोपड़ी, लोहे की दुकान, कूलर, फ्रिज और घरेलू सामान को तोड़ दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद उसका पूरा परिवार बेघर हो गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि दोबारा शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by Admin Team, . Full responsibility for the content of this report rests with Admin Team. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
