– कृषि उत्पादन आयुक्त ने रबी उत्पादकता गोष्ठी को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित
– पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने पर दिया जोर
- विनोद मिश्रा
बांदा। कृषि उत्पादों की मार्केटिंग की उचित व्यवस्था कराने के लिए प्रत्येक जनपद में प्रभावी प्रयास किए जाएं। ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। इस कार्य के लिए प्रत्येक जनपद में अधिक से अधिक एफपीओ का गठन कराया जाए। इसके साथ ही किसानों को जागरूक किया जाए कि वह पराली न जलाएं बल्कि उसका उचित प्रबंधन करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने यह निर्देश चित्रकूटधाम मण्डल, झांसी तथा विध्यांचल मण्डल की रबी उत्पादकता गोष्ठी को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि जिन-जिन जनपदों में खाद्य व बीज की कमी है, उसे समय से पूरा करा लिया जाए ताकि रबी फसलों की बुआई समय से हो सके।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि कार्य योजना बनाकर रबी फसलों के आच्छादन को बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि चित्रकूटधाम मण्डल तथा झांसी में जल संरक्षण के कार्य प्राथमिकता पर कराए जाएं। मनरेगा से भी जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता पर कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि धान खरीद का कार्य समय से प्रारंभ कराया जाए। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। श्री सिन्हा ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रमुख स्थानीय उत्पादों की ब्राण्डिंग करायी जाए। कहा कि किसानों को जागरूक किया जाए कि वह पराली न जलाएं बल्कि उचित प्रबंधक करें।

अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि दलहन व तिलहन के आच्छादन को बढाया जाए। पराली का उचित प्रबन्धन किसानों से कराया जाए। उन्होंने कहा कि खेत-तालाब योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित कराया जाए। खेत-तालाब योजना का लाभ लेने वाले किसानों को स्प्रिन्कलर सिंचाई की सुविधा भी प्रदान की जाए। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि उर्वरकों का रियल टाइम एक्नोलजमेंट अनिवार्यता से लागू किया जाए। प्रमुख सचिव (सहकारिता) बीएल मीना ने कहा कि कुल लक्ष्य का लगभग 30 प्रतिशत उर्वरक सहकारिता के माध्यम से वितरित किया जाता है। लगभग 1200 केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण किया जायेगा। प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। निदेशक उद्यान आरके तोमर, निदेशक पशुपालन डा. एसके मलिक, निदेशक मत्स्य डा. एसके सिंह, निदेशक कृषि अभियंत्रण नीरज श्रीवास्तव ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी गोष्ठी में दी। निदेशक कृषि वीके सिंह ने आभार जताया।

आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि मण्डल में खाद्य व बीज की कोई कमी नही है। उन्होंने कहा कि रबी उत्पादन बढाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें कर ली गयी हैं। मण्डल में खेत तालाब योजना के अंतर्गत 4480 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2100 तालाब खोदे जा चुके हैं। जनपद महोबा में मनरेगा योजना से 1200 तालाब खोदे गये हैं। आयुक्त ने मांग की कि खेत-तालाब योजना में अनुदान की राशि 75 प्रतिशत कर दी जाए। उन्होंने कहा कि तिलहन व दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए आच्छादन बढाने की कार्य योजना बना ली गई है।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि जनपद में अन्ना प्रथा के कारण किसानों को काफी कठिनाई होती है, इसलिए फसलों को बचाने के लिए किसानों को जाली लगाने के लिए अनुदान दिया जाए। उन्होंने कहा कि अन्ना पशुओं के चारे इत्यादि के लिए शीघ्र धनराशि प्रदान कर दी जाए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य, डिप्टी कलेक्टर सौरभ यादव, संयुक्त निदेशक कृषि उमेश चन्द्र कटियार, उप निदेशक कृषि प्रसार, उप निदेशक सूचना भूपेन्द्र सिंह यादव तथा कृषि विभाग व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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