
- विनोद मिश्रा
बांदा। क्या सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के हिस्से का भोजन भी अब कटौती की भेंट चढ़ रहा है? क्या सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना में बच्चों को भरपेट और पौष्टिक भोजन देने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं? बांदा जिले के खप्टिहा कलां स्थित प्राथमिक विद्यालय से सामने आए मामले ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है।
विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि करीब 100 बच्चों के लिए पूरे सप्ताह जितनी सब्जी भेजी गई है, उससे मानक के अनुसार भोजन तैयार करना संभव ही नहीं है। इस मामले ने अभिभावकों में भी नाराजगी पैदा कर दी है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चतुर सिंह तथा मध्याह्न भोजन व्यवस्था देख रहे शिक्षक हनुमान सिंह, रेणुका तिवारी और शालिनी गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से एक सप्ताह के लिए केवल 22 किलो आलू, दो किलो बैंगन, डेढ़ किलो टमाटर, डेढ़ किलो प्याज और 500 ग्राम कुंदरू भेजा गया।
उनका कहना है कि विद्यालय में करीब 100 छात्र पंजीकृत हैं और इतनी कम मात्रा में पूरे सप्ताह मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं है। रसोइयों ने भी कहा कि उन्हें जितनी सामग्री मिलती है, उसी के अनुसार भोजन बनाना उनकी मजबूरी है। मामले से अभिभावकों में रोष है। उनका कहना है कि यदि बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन नहीं मिलेगा तो मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
