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जिला अस्पताल बना 'यमलोक' : इमरजेंसी व्यवस्था फेल, मरीजों की जान से 'खिलवाड़' !
उत्तर प्रदेश

जिला अस्पताल बना ‘यमलोक’ : इमरजेंसी व्यवस्था फेल, मरीजों की जान से ‘खिलवाड़’ !

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। जिला अस्पताल की “इमरजेंसी व्यवस्था” इन दिनों “गंभीर सवालों” के घेरे में है। “हालात इतने बदतर” हो चुके हैं कि लोगों का कहना है “यह अस्पताल नहीं, बल्कि यमलोक” बन गया है, जहां मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन उन्हें घंटों इंतजार और लापरवाही का सामना करना पड़ता है। सबसे चिंताजनक स्थिति आपातकालीन विभाग की है, जहां गंभीर मरीजों को भी समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

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अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों का आरोप है कि इमरजेंसी में पर्चा बनाने वाले कर्मचारी अक्सर काउंटर से गायब रहते हैं। गंभीर हालत में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन पंजीकरण के बिना इलाज शुरू नहीं हो पाता। ऐसे में तीमारदार इधर-उधर कर्मचारियों को तलाशते नजर आते हैं, जबकि मरीज दर्द से तड़पते रहते हैं।

जिला अस्पताल बना 'यमलोक' : इमरजेंसी व्यवस्था फेल, मरीजों की जान से 'खिलवाड़' !

कई बार यह देरी मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। तीमारदारों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि लंबे समय से यही स्थिति बनी हुई है। रोजाना इमरजेंसी काउंटर पर कर्मचारी नदारद मिलते हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज से पहले पर्चा बनवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

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जिला अस्पताल पूरे जिले के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य केंद्र है। अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में असमर्थ रहते हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल से ही उन्हें उम्मीद होती है कि यहां उन्हें तुरंत इलाज मिलेगा। लेकिन अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था ने इन उम्मीदों को झटका दिया है।

जिला अस्पताल बना 'यमलोक' : इमरजेंसी व्यवस्था फेल, मरीजों की जान से 'खिलवाड़' !

लोगों का कहना है कि यदि इमरजेंसी सेवा में ही इस तरह की लापरवाही होगी तो मरीजों की “जान बचाना” मुश्किल हो जाएगा। इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) विजेंद्र कुमार ने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। हालांकि विचारणीय यह है कि क्या जांच और कार्रवाई की बातें अस्पताल की व्यवस्था सुधार पाएंगी या फिर मरीजों को इसी तरह लापरवाही का शिकार होना पड़ेगा।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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