City News Uttar Pradesh
जल संस्थान का भ्रष्टाचार ? निकम्मेपन और प्यास की तिकड़ी से शहर में हाहाकार ?
उत्तर प्रदेश

जल संस्थान का भ्रष्टाचार ? निकम्मेपन और प्यास की तिकड़ी से शहर में हाहाकार ?

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। शहर में जल संस्थान का हाल अब जनता की प्यास से भी ज्यादा गर्म हो चुका है। पेयजल आपूर्ति ठप है। जिम्मेदार अफसर अपने दफ्तरों में चैन की नींद सो रहे हैं ! जीएम आर के यादव, अधिशासी अभियंता शिवराज, सहायक अभियंता सौरभ, अवर अभियंता मयंक और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने शहर की जनता को ‘पानी के लिए तरसाने’ का ‘तांडव नृत्य’ शुरू कर रखा है !

जल संस्थान का भ्रष्टाचार ? निकम्मेपन और प्यास की तिकड़ी से शहर में हाहाकार ?

जल संस्थान का पूरा तंत्र मानो “कर्तव्यविहीनता” की नई परिभाषा बन गया है ! कथित भ्रष्टाचार में लिप्त विभागीय अफसरों की संवेदनाएं जैसे पत्थर में बदल चुकी हैं ! शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।”

जल संस्थान पर महासंकट: एक ही अधिकारी के भरोसे सारा काम सत्यानाश !

सूत्र बताते हैं कि जल संस्थान के अधिकारियों का ध्यान जनता की सेवा पर नहीं, बल्कि कमीशन के बंटवारे पर केंद्रित है ! महाप्रबंधक आर.के. यादव का रवैया तो जनता में मज़ाक का विषय बन चुका है लोग कहते हैं, “रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था” जल संस्थान जल रहा है और महाप्रबंधक चैन से कमाई तौल रहे हैं।”

जल संस्थान पर महासंकट: एक ही अधिकारी के भरोसे सारा काम सत्यानाश !

अधिशासी अभियंता शिवराज, सहायक अभियंता सौरभ, अवर अभियंता मयंक और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों पर भी यह आरोप है कि वे शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालकर केवल ठेकेदारों के हितों की रक्षा कर रहे हैं ! शहर के कई इलाकों में जो पानी आ रहा है,वह किसी ज़हर से कम नहीं !

शहर के नल उगल रहे हैं गंदा पानी, अधिकांश मोहल्लों की यही कहानी

शहर के सभी 31 वार्डों में बदबूदार और गंदे पानी की आपूर्ति है। लोगों का कहना है कि “यह पानी अब जीवन नहीं, मौत दे रहा है।” केन के इनटेक वेल तक पानी की राह बनाकर तीन दिन में आपूर्ति दुरुस्त का दावा भी हवा हवाई हो गया !

बांदा जल संस्थान में 'भ्रष्टाचार' की गजब दास्तां: सरकारी खजाने के लिये बना 'साइलेंट किलर' ?

जल संस्थान की लापरवाही इस स्तर की है कि सर्दियों में भी पानी का संकट और गहराएगा। इनटेक वेल पाइपलाइनें टूटी हैं, मोटरें खराब पड़ी हैं, लेकिन मरम्मत का नाम नहीं। विभाग के छोटे से लेकर बड़े अफसर तक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने में माहिर हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर जिला प्रशासन कब जागेगा ?

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 

 

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

हादसा : ई-रिक्शा में चालक की मदद के लिए मासूम लगा रही थी धक्का, पहिए के नीचे आने से दबकर हुई मौत

City News Uttar Pradesh

सिंचाई विभाग द्वारा ‘कार्यालय एवं आवासीय परियोजना’ समय से होगी पूरी

City News Uttar Pradesh

मौसमी रोगों नें जमकर भरी उड़ान : जिला अस्पताल हाउस फुल !

City News Uttar Pradesh

चित्रकूट : प्यार पर लगा पहरा तो मौत को गले लगाया, ट्रेन के सामने कूद गए प्रेमी युगल …

लूट का पर्दाफाश: एसओजी की मुठभेड़ में तीन गिरफ्तार, एक घायल

City News Uttar Pradesh

मोंथा ने छोड़ा मोर्चा : बदला मौसम का मिजाज, सूर्य नें दिये दर्शन

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़