- विनोद मिश्रा
बांदा। शहर में टैफ्रिक व्यवस्था जिम्मेदारों की लापरवाही से रसातल में पहुंच गई है। बेलगाम हो चुके ई-रिक्शा चालक व्यवस्था सुधार में कोढ़ में खाज से हो गये है। आपस में मैं आगे की तूं आगे की होड़ में निकलने तथा सवारियां भरने के चक्कर में तेज गति में चलते हैं। जहां मन आया, वहां खड़े होकर सवारियां भरने का काम शुरू हो जाता है।

इससे जगह-जगह जाम लग जाता है। सड़क पर चलने वाले लोग जाम के झाम में फंस जाते हैं। परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिछले वर्ष जिलाधिकारी के निर्देश पर ई-रिक्शा चालकों पर लगाम लगाने के लिए इनके लिए बकायदा पुलिस चौकियों के आसपास खड़े होने के स्टैंड बनाए गए। प्रत्येक चौराहे के ई-रिक्शा का रूट व शुल्क निर्धारित किया। नगर पालिका ने इनका पंजीयन किया। लेकिन यह व्यवस्था कुछ ही दिन में धड़ाम हो गई।

आलम यह है कि शहर में तीन हजार रिक्शा चल रहे है। इनमें आधे से ज्यादा का न तो नगर पालिका के पास कोई रिकार्ड है और न ही पुलिस व परिवहन विभाग के पास। इनकी धमाचौकड़ी से लोग खासे परेशान है। 25 फीसदी चालक नाबालिग है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही है। मुख्य बाजार में इनके चलते आवागमन बुरी तरह फंस जता है। यातायात पुलिस दूर-दूर तक नजर नहीं आती।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://newsreach-publishers.s3.ap-south-1.amazonaws.com/citynewsuttarpradesh.in/2018/06/Picsart_22-08-23_02-31-51-905-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
