– बौध्ध धर्म के प्रमाणपत्रों से स्कूलों की भी मान्यता, चुनाव में लगाया क्षत्रिय का प्रमाण पत्र।
– लाभ के लिये दो धर्मों का दुरुप्रयोग का आरोप।
– विनोद मिश्रा
फतेहपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह पर गंभीर आरोपों के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष पद से उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है। उनपर चीटिंग के अति गंभीर आरोप लगे हैं,जो जन -जन में चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार औऱ कानून को धोखा देने वाले अभय प्रताप पर योगी जी कब बुलडोजर चलवायेगें लोगों को इसका इंतजार है।

हम आपको बताते हैं जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह का भ्रष्टाचार का इतिहास। इन पर आरोप हैं की इन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग के बौध्ध समुदाय का फर्जी धर्म परिवर्तन का प्रमाण पत्र देकर स्कूलों की मान्यता ली! इतना ही नहीं जिला पंचायत के चुनाव में जाति प्रमाण पत्र क्षत्रिय का देकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा औऱ जिला पंचायत अध्यक्ष बन गये। निर्वाचन आयोग को गुमराह कर चीटिंग की। इस लिहाज से इनका जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव असंवैधानिक है, इसे रद्द होना चाहिये।
जिले के आवास -विकास कालोनी के संजय सिंह नें इस संदर्भ में अपर मुख्य सचिव तथा उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को पत्र भेजकर अभय प्रताप सिंह की चीटिंग से अवगत कराया है। मांग किया है की अभय प्रताप द्वारा ली गई अल्प संख्यक विद्यालयों की मान्यता समाप्त की जाये। साथ ही उनका जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष पद पर निर्वाचन रद्द किया जाये।

शिकायत कर्ता संजय सिंह नें शपथ पत्र के साथ अपर मुख्य सचिव अपर पंचायती राज को भेजी शिकायत में जानकारी दी है की 19 नवंबर 2004 में बौध्ध धर्म का प्रमाणपत्र हासिल करने के बाद 2006 में रानी चंद्रप्रभा महाविद्यालय खागा एवं अभय प्रताप सिंह महाविद्यालय बिंदकी की अल्प संख्यक वर्ग सें मान्यता हासिल की गई। जबकि 2021 के जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष के चुनाव में अनारक्षित वर्ग की क्षत्रिय जाति का प्रमाण पत्र देकर सदस्य औऱ अध्यक्ष निर्वाचित हुये। शिकायत कर्ता नें क्षत्रिय जाति के प्रमाण पत्र को गलत बताते हुये कहा है की भारत के राजपत्र में क्षत्रिय वर्ग हिन्दू धर्म के लोगों के लिये वर्णित है। जबकि बौध्ध धर्म स्वीकारनें वाला व्यक्ति जाति हीन होगा।
साथ ही उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को शिकायती पत्र भेजकर अभय ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन अभय प्रताप सिंह पर 2004 में बौध्ध धर्म स्वीकार करने व 2006 में अल्पसंख्यक होने का प्रमाणपत्र देकर रानी चन्द्रमहा विद्यालय खागा अभय प्रताप सिंह डिग्री कालेज की मान्यता हासिल करनें का आरोप लगाकर सरकार एवं प्रशासन को धोखा देने की बात कही है। मांग किया है की इन अति गंभीर मुद्दों की जांच कर विद्यालयों की मान्यता समाप्त की जाये। साथ हीं जिला पंचायत सदस्य औऱ अध्यक्ष पद पर अभय प्रताप सिंह का निर्वाचन रद्द कर सुसंगत धाराओं में एफआई आर दर्ज हो।
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