( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश ब्यूरो )
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस धार्मिक नगरी में पर्यटन के विकास पर है। इसी क्रम में सरकार लगातार प्रयास में भी लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में सम्पन्न उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, एमएसएमई, पर्यटन, लोक निर्माण आदि विभागों से जुड़े लगभग एक दर्जन प्रस्तावों पर मुहर लगी। विंध्यधाम विकास परिषद तथा चित्रकूटधाम विकास परिषद के गठन को मंजूरी मिली है। इन दोनों परिषद के अध्यक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ तथा पर्यटन-धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी उपाध्यक्ष होंगे।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने बड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस बैठक में 12 प्रस्तावों को पास किया है। जिसमें धार्मिक स्थलों के विकास के लिए सरकार ने चित्रकूट के विकास का मॉडल तैयार किया है। सरकार ने यूपी बृज तीर्थ विकास परिषद के तर्ज पर अब विंध्यधाम विकास परिषद और चित्रकूट धाम विकास परिषद का गठन कर दिया है। सरकार के इस फैसले से विंध्यधाम तथा चित्रकूट धाम को एक धार्मिक स्थल के तौर पर विकसित किया जा सकेगा। इस पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।

चित्रकूट और विंध्य धाम के लिए गठित होंगी तीर्थ विकास परिषद : राज्य सरकार श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद और विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन के लिए विधानमंडल के मानसून सत्र में विधेयक लाएगी। दोनों परिषदों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। कैबिनेट बैठक में श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक, 2021 और उप्र विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक, 2021 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने दोनों परिषदों के बारे में भविष्य में आवश्यक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया है।

संबंधित तीर्थ विकास परिषदें चित्रकूट और विंध्य धाम की सभी प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय और स्थापत्य संबंधी विरासत को संरक्षित, विकसित और उनका रखरखाव करने की योजना तैयार करेंगी। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और निगरानी करेंगी। पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाकर उन्हें क्रियान्वित कराएंगी। क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास और विरासत के संरक्षण व प्रबंधन के लिए संगत नीतियां विकसित करेंगी।

संबंधित जिले के किसी विभाग/ स्थानीय निकाय/प्राधिकरण को क्षेत्र की विरासत से जुड़े संसाधनों को प्रभावित करने वाली किसी योजना, परियोजना या विकास से जुड़े किसी प्रस्ताव के बारे में परामर्श और मार्गदर्शन करेंगी। तीर्थ विकास परिषदों के गठन से चित्रकूट और विंध्य धाम (मीरजापुर) की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सकेगी और दोनों क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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