
- विनोद मिश्रा
बांदा। एक समय था जब परिषदीय स्कूलों को गरीबों की मजबूरी कहा जाता था। लेकिन अब वक़्त बदल गया है। अब ये स्कूल मजबूरी नहीं, संभावना के केंद्र बन गए हैं। बुंदेलखंड अंचल में शिक्षा की असल क्रांति की इबारत लिखी जा रही है। एक तरफ अभावों से लड़ते ग्रामीण बच्चे, दूसरी तरफ सरकार की मंशा और अब दोनों के बीच बना है, वह ‘पुल’ जो ‘भविष्य की नई इमारत’ का आधार बनेगा।

बांदा जिले के 1.90 लाख परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व धनराशि जारी की है। इस राशि का उपयोग बच्चों के यूनिफार्म, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी जैसी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री की खरीद में होगा। शिक्षा के इस संग्राम में यह एक निर्णायक मोर्चा है।

अब तक एक लाख बच्चों के अभिभावकों के खातों में यह धनराशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। शेष लगभग 90 हजार विद्यार्थियों के खातों में भी यह सहायता जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचा दी जाएगी। बिना किसी बिचौलिये, बिना कोई घोटाला सीधा लाभ सीधे खाते में। बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है कि कोई बच्चा इस सुविधा से वंचित न रह जाए।
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