- विनोद मिश्रा
बांदा । कोरोना काल में रात्रिकालीन कर्फ्यू भले ही आम आदमियों और व्यापारियों के लिए आर्थिक घाटे का सौदा साबित हो रहा है, लेकिन बालू खदान संचालकों और ढुलान करने वाले ट्रकों के लिए यह सोने पर सुहागा बना हुआ है। रात नौ बजे से रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू होने के बाद सड़कें सूनी होते ही बालू के ओवरलोड और अंडरलोड ट्रकों का रेला शहर का सन्नाटा तोड़ देता है। खाली सड़कें इनकी रफ्तार को और परवान चढ़ा रही हैं। इधर, खदानों में एक साथ सैकड़ों ट्रकों के चालक, परिचालक और खदान कर्मियों का जमघट लगने से कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है। इनमें ज्यादातर लोग मास्क नहीं पहने रहते हैं और न ही दो गज दूरी का ही पालन होता है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बालू माफियाओं पर कहर बरपाने वाले जिलाधिकारी आनंद सिंह कोरोना और पंचायत चुनावों से निपटने में व्यस्त हैं और प्रदेश की खनिज निदेशक डॉ. रोशन जैकब को लखनऊ जिलाधिकारी पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद से बालू खदानों और ओवरलोड ट्रकों का औचक निरीक्षण व आकस्मिक छापा मारने आदि की गतिविधियां ठप हो गईं, जिससे बालू कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।

अब तो इन लोगों ने ओवरलोडिंग व अवैध खनन का कारोबार और तेज कर दिया है। डॉ. रोशन जैकब अक्सर खदानों में रात में पहुंचकर छापे मारतीं थीं। इससे बालू कारोबारियों में खौफ बना रहता था। इधर, कुछ दिनों से आकस्मिक छापे की कार्रवाई बंद है, जिससे बालू माफिया संग विभाग के स्थानीय अफसर, कर्मी भी बेफिक्र हो गए हैं।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
