
- विनोद मिश्रा
बांदा। जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद नें बताया कि केन नहर का सूखा समाप्त होगा। अब इसमे पानी की कमी नहीं होगी। जल शक्ति राज्य मंत्री नें यह जानकारी एक औपचारिक भेंट में दी। उन्होंने कहा कि केन नहर साल में करीब आठ महीने सूखी रहती है, इससे खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती । किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नहर को प्रतिवर्ष 1700 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी देगा। इससे अधिक लाभ बांदा और महोबा जिलों को होगा।
राज्य मंत्री नें कहा कि खास बात यह है कि परियोजना से 750 एमसीएम पानी नवंबर से मई तक दिया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए भटकना न पड़े। नहर के सर्वे का काम दो माह में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद डिटेल्स पोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। किसानों की ‘लाइफ लाइन’ कहे जाने वाला केन नहर भी गर्मी में सूख जाती है। यहां किसान बारिश के दौरान रबी की फसल तो केन नहर के सहारे तैयार कर लेते हैं, मगर गर्मी के समय नहर में पानी की कमी होने से खरीफ की फसल नहीं हो पाती है। किसानों की इस दिक्क्त को दूर करने के लिए परियोजना से पूरे साल मिलने वाले 1700 एमसीएम पानी में 750 एमसीएम केवल नवंबर से मई महीने तक नहर में छोड़ा जाएगा।
राज्य मंत्री निषाद नें कहा कि महोबा में पानी की अधिक समस्या को देखते हुए केन नहर से उर्मिल बांध को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही यहां स्थित मझिगवां बांध को उर्मिल बांध से मिलाया जाएगा। इन दोनों बांध के सहारे यहां पर 13 बड़े साइज के टैंक बनेंगे, जिससे सिंचाई के लिए इन टैंकों में अधिक से अधिक जल संचयन किया जा सके। राज्य मंत्री नें बताया कि डीपीआर तैयार करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से नहर का सर्वे तेजी से किया जा रहा है।
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