
- विनोद मिश्रा
बांदा। जब “शहर के पॉश इलाके में खुलेआम जुए का अड्डा” चले और “पुलिस बेखबर रहे तो इसे कानून व्यवस्था की खुली चुनौती” ही कहा जाएगा। जिला मुख्यालय में रेलवे स्टेशन के नजदीक कथित तौर पर “अनीस के नालबंद जुए” ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि “स्टेशन के पास एक कमरे में रात दिन नालबंद जुआ” चलता है। यहां ‘बावन परी’ के नाम पर लाखों रुपये दांव पर लगते हैं। कथित संचालक अनीस की कमाई लगभग एक लाख रुपये रोजाना है। खेल का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि हारने वाले खिलाड़ी को अनीस 20 परसेंट ब्याज पर उधारी भी देता है। बताते हैं की “ब्याज के इस मकड़जाल” में फंसकर अब तक “कई परिवार बर्बाद” हो चुके हैं?
सबसे बड़ा प्रश्न पुलिस की कार्यशैली पर है ! शहर के बीचोंबीच,भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन के पास इतना बड़ा जुए का अड्डा चल रहा है और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं है ! यह लापरवाही नहीं तो और क्या है? जनता पूछ रही है कि क्या इस अड्डे को खाकी का संरक्षण मिला हुआ है? अगर पॉश इलाके में अपराधी बेखौफ हैं तो आम आदमी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा? अनीस के इस नालबंद जुए ने युवा पीढ़ी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। रातोंरात मालामाल होने का लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है। हार के बाद ब्याज पर कर्ज लेकर कई युवा अपराध की दलदल में उतर रहे हैं। घरों में कलह, आत्महत्या की नौबत और बर्बादी। यह सब इस एक अड्डे की देन है।
नागरिकों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। कथित संचालक अनीस पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो। साथ ही यह भी जांच हो कि इतने दिन तक यह अड्डा किसकी शह पर फलता फूलता रहा ? फिलहाल अनीस का नालबंद जुआ सिर्फ जुआ नहीं है, यह कानून व्यवस्था के मुंह पर तमाचा है ! अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो कल को “अपराधी थानों के सामने भी अड्डा खोलने से नहीं डरेंगे” ? बांदा को जवाब चाहिए।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
