27 C
Lucknow
October 11, 2026
City News Uttar Pradesh
चित्रकूट का 'न्यू वाटर पार्क' बना 'स्किन बर्निंग जोन': जहर उगल रहा 'पार्क' का पानी, प्रशासन क्यों 'खामोश' ?
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

चित्रकूट का ‘न्यू वाटर पार्क’ बना ‘स्किन बर्निंग जोन’: जहर उगल रहा ‘पार्क’ का पानी, प्रशासन क्यों ‘खामोश’ ?

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

चित्रकूट। जिला मुख्यालय का “न्यू वर्ड वाटर पार्क” अब मौज-मस्ती नहीं, केमिकल “बर्निंग का अड्डा” बन चुका है। यहां का पानी लोगों की स्किन “जला” रहा है। नहाकर लौटते ही चेहरा काला पड़ रहा है और चमड़ी उधड़ रही है। 11 लोगों के झुलसने का खुलासा हो चुका है, पर प्रशासन की आंख अब तक नहीं खुली। न जांच, न कार्रवाई, न वाटर पार्क सील। सिस्टम की यह उदासीनता लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है।

'मस्ती का जहर' बांट रहा चित्रकूट का वी वर्ड वाटर पार्क: क्लोरीन की ओवरडोज से सड़ रही त्वचा !कर्वी बल्दाऊगंज के विवेक त्रिपाठी का परिवार और बांदा के वरिष्ठ पत्रकार शरद मिश्रा का परिवार कुल 11 लोग बीते दिन वाटर पार्क में नहाने गए थे। पानी में उतरने के 2 घंटे बाद ही सबकी स्किन जलने लगी। घर पहुंचते ही चेहरों पर कालिख छा गई। चमड़ी पपड़ी बनकर निकलने लगी। तेज जलन और खुजली से बच्चे बिलबिला उठे। डॉक्टरों ने इसे सीधे केमिकल बर्न बताया। यह 11 लोग तो सामने आ गए। असल में यहां नहाने वाला हर दूसरा शख्स इसी जहर का शिकार हो रहा है।

'मस्ती का जहर' बांट रहा चित्रकूट का वी वर्ड वाटर पार्क: क्लोरीन की ओवरडोज से सड़ रही त्वचा !वाटर पार्क में क्लोरीन की मात्रा तय मानक में होनी चाहिए। ज्यादा क्लोरीन या सस्ता इंडस्ट्रियल केमिकल सीधे स्किन बर्न, आंखों में जलन और सांस की बीमारी देता है। आरोप है कि न्यू वर्ड वाटर पार्क में पानी साफ दिखाने के लिए तय सीमा से कई गुना तेज केमिकल डाला जा रहा है। टिकट लेकर आने वाला शख्स नहीं जानता कि वह स्विमिंग पूल में नहीं, तेजाब के टैंक में उतर रहा है। इतने बड़े खुलासे के बाद नियम कहता है कि 24 घंटे में खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग और एसडीएम की टीम मौके पर पहुंचे। पानी का सैंपल ले। मानक फेल मिले तो तत्काल पार्क सील करे। पर चित्रकूट में उल्टा हो रहा है।

'मस्ती का जहर' बांट रहा चित्रकूट का वी वर्ड वाटर पार्क: क्लोरीन की ओवरडोज से सड़ रही त्वचा !खबर छपने के 48 घंटे बाद भी कोई अफसर वाटर पार्क नहीं पहुंचा। न सैंपल लिया गया, न नोटिस दी गई। पार्क धड़ल्ले से चल रहा है और रोज नए लोग झुलस रहे हैं। प्रशासनिक खामोशी बता रही है कि या तो सिस्टम सो रहा है या मिलीभगत चल रही है। 11 लोगों की चमड़ी उधड़ना सिर्फ चेतावनी है। केमिकल बर्निंग का असर लिवर, किडनी और फेफड़ों तक जाता है। बच्चों के लिए यह जानलेवा हो सकता है। इसके बाद भी प्रशासन का हाथ पर हाथ धरे बैठना आपराधिक लापरवाही है। जनता पूछ रही है कि “क्या वाटर पार्क को सील करने के लिए किसी की मौत का इंतजार” किया जा रहा है। न्यू वर्ड वाटर पार्क का पानी आज “स्किन जला” रहा है, कल “जान” ले सकता है। पर प्रशासन की उदासीनता उस केमिकल से भी ज्यादा खतरनाक है जो लोगों की चमड़ी उधेड़ रहा है।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

बड़ी खबर : बांदा में भाजपा के विरोध में प्रचार करने वाले पूर्व मंत्री समेत कई पदाधिकारी छह वर्ष के लिए पार्टी से हुए निष्कासित …

सांसद ने लोकसभा में उठाई “फोरलेन” सड़क की मांग: बुंदेलखंड की जनता का गूंजा दर्द

सपा विधायक विशम्भर नें लगाई ललकार: ‘गरीबों की लड़ाई’ में भरी ‘हुंकार’

City News Uttar Pradesh

भाजपा सरकार में प्रदेश में सूदखोरों का आतंक: किसानों का जिक्र कर बोले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

City News Uttar Pradesh

बहन मायावती का जन्म दिन : बसपा प्रत्याशी जयराम सिंह नें काटा केक, बनी प्रचार नीति !

City News Uttar Pradesh

महाकुंभ में शर्मनाक हरकत : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अश्लील वीडियो, पुलिस ने कसी नकेल

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़