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टीईटी की 'बाध्यता' के खिलाफ 'शिक्षकों' का उमड़ा सैलाब: सांसद को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश

टीईटी की ‘बाध्यता’ के खिलाफ ‘शिक्षकों’ का उमड़ा सैलाब: सांसद को सौंपा ज्ञापन

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। शिक्षकों में बढ़ते असंतोष ने रविवार को जिले का ‘माहौल गरमा’ दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बांदा-चित्रकूट के सैकड़ों शिक्षक सड़कों पर उतर आए। टीईटी अनिवार्यता, सेवा शर्तों में बदलाव और ‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति’ की तलवार के खिलाफ शिक्षकों ने जोरदार विरोध जताया।

टीईटी की 'बाध्यता' के खिलाफ 'शिक्षकों' का उमड़ा सैलाब: सांसद को सौंपा ज्ञापन

जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी (बांदा) और अखिलेश पांडे (चित्रकूट) के नेतृत्व में पूरे जोश के साथ निकला शिक्षक समुदाय सीधे पहुंचा बांदा-चित्रकूट सांसद कृष्णा शिवशंकर पटेल के पास। वहां सांसद को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों ने अपने दर्द और गुस्से दोनों को एक साथ रखा। ज्ञापन में कहा गया कि “निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को 27 अगस्त 2009 के राजपत्र के जरिए लागू” किया गया। इसकी धारा-23 में स्पष्ट है कि न्यूनतम योग्यता केवल अधिनियम लागू होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगी।

टीईटी की 'बाध्यता' के खिलाफ 'शिक्षकों' का उमड़ा सैलाब: सांसद को सौंपा ज्ञापन

इसके बाद, शिक्षकों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश ने 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी दो वर्ष में पास करने की अनिवार्यता थोप दी। “ऐसा न होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति” यह प्रावधान शिक्षकों को ‘अस्थिरता और भय’ में धकेलता है। शिक्षकों ने इसे अन्यायपूर्ण, अयथार्थ और सेवा शर्तों में एकतरफा छेड़छाड़ बताया है।

टीईटी की 'बाध्यता' के खिलाफ 'शिक्षकों' का उमड़ा सैलाब: सांसद को सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपते समय शिक्षक नेताओं ने कहा “हम वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं उसी योग्यता से नियुक्त हुए अब अचानक नई शर्तें थोपना अत्याचार है।” 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा शिक्षा सेवा में दे दिया अब उन्हें दो वर्ष में टीईटी पास न करने पर नौकरी से बाहर करना कहां का न्याय है? ज्ञापन में प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि “2010–11 से पहले के शिक्षकों को सेवा तथा पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त रखा जाए।” इसके साथ ही चेतावनी दी गई यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले राज्य भर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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