27.3 C
Lucknow
October 10, 2026
City News Uttar Pradesh
चकबंदी कार्य में 'धीमी गति और भ्रष्टाचार' से किसानों में 'आक्रोश' : दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश

चकबंदी कार्य में ‘धीमी गति और भ्रष्टाचार’ से किसानों में ‘आक्रोश’ : दिया ज्ञापन

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। जिले में चकबंदी कार्य में धीमी गति और भ्रष्टाचार के कारण किसानों में आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम खप्टिहा खुर्द, बहिंगा, अमलीकौर, महबरा, सिलेहटा और माचा जैसे गाँव सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। चकबंदी विभाग में सभी स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने पिछले दो वर्षों से जिलाधिकारी, चित्रकूट धाम बांदा के आयुक्त, चकबंदी आयुक्त और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

चकबंदी कार्य में 'धीमी गति और भ्रष्टाचार' से किसानों में 'आक्रोश' : दिया ज्ञापन

हालांकि, उनकी शिकायतों पर अपेक्षित जांच या कार्रवाई नहीं की गई। यूनियन ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर कागजी प्रगति दिखाकर लीपापोती की गई और जांच उन्हीं अधिकारियों या निचले स्तर के अधिकारियों से कराकर गुणवत्ताहीन और फर्जी निस्तारण किया गया। मुख्यमंत्री जनता दर्शन में दर्जनों शिकायतें चकबंदी आयुक्त के आदेश के बावजूद लंबित हैं। पूर्व में हुई जांचों की किसी भी सिफारिश पर कोई अमल नहीं किया गया। हाल ही में आयुक्त चित्रकूट धाम बांदा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में डीडीसी महोबा और बांदा को शिकायत पत्रों की जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्मरण पत्र भेजने के बावजूद आज तक जांच शुरू नहीं हुई है।

चकबंदी कार्य में 'धीमी गति और भ्रष्टाचार' से किसानों में 'आक्रोश' : दिया ज्ञापन

ग्राम बहिंगा, खप्टिहा खुर्द, अमलीकौर और महबरा के ग्राम पंचायत प्रस्तावों पर भी विचार नहीं किया गया और उन्हें निदेशालय नहीं भेजा गया। विरासत, दाखिल-खारिज, चाकमार्गों/चकनिर्माण के निर्माण तथा अंश विभाजन आपत्ति/अपीलों में व्यापक धांधली के कारण किसानों को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति हुई है। ज्ञापन में सहायक चकबंदी अधिकारी नीरज, अरुण नारायण, रामबिलास आजाद, अजय कुमार, चकबंदी अधिकारी पैलानी अखिलेश कुमार, निवर्तमान और वर्तमान बंदोबस्त अधिकारी तथा कुछ लेखपाल/कानूनगो की भूमिका को किसानों और चकबंदी प्रावधानों के खिलाफ बताया गया है। किसानों का कहना है कि इन अधिकारियों के रहते उनके हित सुरक्षित नहीं हैं और न्याय की अंतिम आशा के रूप में अब केवल अनशन या सत्याग्रह ही विकल्प बचा है।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

अतिक्रमण पर प्रशासन का ‘गरजा’ बुलडोजर: मुख्य चौराहे पर ‘ध्वस्तीकरण’ से हड़कंप

City News Uttar Pradesh

जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश नें उड़ाये होश : कड़ी समीक्षा में दिखाये सख्त तेवर

City News Uttar Pradesh

यूपी : चाचा शिवपाल ने अखिलेश का बढ़ाया मान, दिया नया राजनीतिक नाम, जनसभा में “छोटे नेताजी” कहकर पुकारा

City News Uttar Pradesh

हिन्दू- मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक जरैली कोठी दरगाह का उर्स बना आकर्षण

City News Uttar Pradesh

राजनीति : सपा ने की लोकसभा प्रत्याशियों की घोषणा, भाजपा ने भी बुंदेलखंड क्षेत्र में कर दिया बड़ा खेल

City News Uttar Pradesh

भाजपा यूपी के सभी 17 निगमों में हुई स्थापित: कौन कहां से बना मेयर, क्या रही प्रचंड जीत की वजह, यहां पढ़िए

ब्रेकिंग न्यूज़