- विनोद मिश्रा
बांदा। बारिश के सीजन में सर्प दंश लहर ले रहा है। सर्प फुँफकार रहें हैं। असावधानी जान लेवा हो रही है। दरअसल सर्पों के बिल में पानी भर जाता है, इससे जान बचाने के लिए बस्ती का रुख करते हैं। मकानों में छुपकर बैठ जाते हैं। इससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सर्पदंश के 70 फीसदी केस बारिश के सीजन में ही होते हैं। पांच सालों में पिछले साल जनपद में सर्वाधिक 184 लोगों को सर्प ने डसा, इनमें से 83 लोगों की जान चली गई। सावधानी बरतने से सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।

डॉक्टर करण राजपूत का कहना है कि सर्पदंश में जहर से ज्यादा घबराहट में आए हार्टअटैक से मौतें होती हैं। सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को समय रहते एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगा दिया जाए तो 90 फीसदी जान बचने की संभावना रहती है। वैसे सर्पों की अनेक प्रजातियां हैं। लेकिन पांच फीसदी ही सर्प कोबरा आदि जहरीले होते हैं। जहरीले सर्प में न्यरोपैरालिटिक जहर होता है। इस जहर से मांस पेशी काम करना बंद कर देती हैं। सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।

सर्प दंश वाली जगह पर दर्द, सूजन, ऐठन और दांतों के दो निशान पाए जाते हैं। त्वचा के रंग में बदलाव आने के साथ ही बेहोशी और मुंह से झाग आने लगात है। प्यास अधिक लगना, पूरे बदन में पसीना आना और घाव से खून बहना आदि सर्प दंश के लक्षण हैं। डाक्टर करण राजपूत का कहना है की सर्पदंश के बाद हाथ-पैर हिलाएं नहीं, वरना जहर का प्रसार बढ़ जाएगा। जिस जगह सांप ने डसा है, उस स्थान पर बांधे नहीं। इससे कई बार खून का प्रसार बंद हो जाता है। सर्पदंश के बाद जलाएं नहीं व चीरा न लगाएं, बल्कि तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचें।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://newsreach-publishers.s3.ap-south-1.amazonaws.com/citynewsuttarpradesh.in/2018/06/Picsart_22-08-23_02-31-51-905-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
