- रिपोर्ट- कृष्णा नंद
प्रतापगढ़ । सूबे के जल शक्ति मंत्री के जिले में नहरों का जाल होते हुए भी अन्नदाता बेहाल हैं। देखा जाए तो जिले में कुल 326 छोटी-बड़ी नहरें हैं। इनसे एक लाख 32 हजार 515 हेक्टेयर खेतों की सिचाई होती है। सबसे अधिक नहरें कुंडा व लालगंज क्षेत्र में हैं। इस समय गेहूं के लिए किसानों को पानी की जरूरत है तो नहरों से पानी नदारत है।

जिले की अधिकांश नहरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया। जिन नहरों में पानी छोड़ा भी गया है, वह काफी कम है। इससे सिचाई नहीं हो पा रही है। देखा जाए तो जिले में नहरों का जाल फैला हुआ है। कुल नहरों की संख्या 326 हैं। इनमें सिचाई खंड प्रतापगढ़ की 220, सिचाई खंड जौनपुर की तीन, सिचाई खंड पांच प्रयागराज की 17, शारदा सहायक खंड 39 की पांच, शारदा सहायक खंड दक्षिण रायबरेली की पांच, शारदा सहायक खंड 45 रायबरेली की 11, शारदा सहायक खंड 41 रायबरेली की 21, शारदा सहायक खंड 51 की 33 तथा लघुडाल की 11 नहरें हैं। प्रतापगढ़ जलशाखा की लंबाई 717.52 किलोमीटर है। इसकी 149 नहरें हैं और इनसे 53 हजार 845 हेक्टेयर खेतों की सिचाई होती है। इलाहाबाद जल शाखा की 115 नहरें हैं। इनसे 78 हजार 670 हेक्टेयर खेतों की सिचाई होती है। शासन के निर्देश पर नवंबर माह में नहरों के सिल्ट की सफाई कराई गई। दिसंबर का आखिरी सप्ताह चल रहा है और सिचाई के लिए किसानों को नहरों का पानी नहीं मिल पा रहा है। जबकि सूबे के जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह इसी जिले के निवासी हैं और उन्होंने बीते दिनों यहां सिचाई विभाग के अफसरों के साथ मीटिग कर किसानों को समय पर नहरों का पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद जब उनके जिले में किसानों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है तो अन्य जिलों का क्या हाल होगा। अजगरा प्रतिनिधि के अनुसार अजगरा रजबहा में इतना कम पानी छोड़ा गया है, उससे खेतों की सिचाई नहीं हो पा रही है।

सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता सुधीर पाल का कहना हैं की रोस्टर के अनुसार एक सप्ताह तक नहरों से पानी मिलेगा। इसके बाद 30 दिसंबर से एक सप्ताह के लिए नहरें बंद की जाएंगी। शारदा नदी में पानी कम होने के कारण पूरी क्षमता से नहरें संचालित नहीं हो पा रही हैं। इस कारण किसानों को सिचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।

इधर खेतों में नहर का पानी पहुंचने से पहले ही चिलबिला रजबहा में पानी बंद हो गया। महीने भर पहले बोई गई गेहूं की फसल की सिचाई के लिए किसान चितित हैं। शारदा सहायक खंड 51 की चिलबिला रजबहा में काफी दिनों से पानी नही था। तमाम कवायद के बाद बीते सप्ताह किसानों को नहर में पानी आता दिखाई दिया तो वह खुश हो गए। अभी कायदे से किसानों के खेतों में पानी पहुंचा भी नहीं था की नहर से पानी आना बंद हो गया। सुंदरपुर गांव के किसान अंजनी कुमार मिश्र, मकूनपुर गांव के किसान अमित कुमार, राम लखन का कहना है कि नहर में पानी तो आया लेकिन खेतों में पानी पहुंचने से पहले ही नहर का पानी चला गया। जरूरत के समय चिलबिला रजवहा में पानी नहीं हैं।

( शरद मिश्रा- संपादक )
(सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )


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