- विनोद मिश्रा
बांदा। जिला अधिवक्ता संघ के एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू नें तहसील से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक सरकार का पक्ष रखने के लिए महिला अधिवक्ताओं को समुचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है। इसके लिये उन्होंने केंद्र सरकार के कानून मंत्री किरण रिजुजू को पत्र लिखा है।

कहा है कि तहसील कार्यालय से लेकर केंद्र सरकार तक सरकार के खिलाफ जो मामले दर्ज होते हैं उन मुकदमों की पैरवी और सरकार की ओर से उनका पक्ष पेश करने के लिए जो अधिवक्ता नामित करने की प्रक्रिया वर्षी से चली आ रही है उसमे महिला वकीलों को समुचित अवसर नही दिया जा रहा। इससे महिलाओं के पीड़ित होने पर उन्हें अपनी बात सरकारी वकीलों को बताने में व्याहारिक असुविधा होती है। इसलिए शासकीय अधिवक्ता के चयन में महिला अधिवक्ता जो बार की सदस्य हैं और नियमित रूप से न्यायालय में कार्य कर रही हैं, ऐसी अधिवक्ता को प्रतिनिधत्व दिया जाए।

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जीतू ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि महिला वकीलों को शासकीय अधिवक्ता के नामित करने से ऐसी महिलाएं जिन्होंने विधि को रोजगार के लिए चुना है उन्हे भी सरकार की ओर से पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। प्रधान मंत्री की योजना बेटी बचाओ अभियान को गति मिलेगी। श्री त्रिपाठी ने अपने पत्र की एक प्रति प्रधान मंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी है। कहा है कि इस कदम से कानून के क्षेत्र महिलाओं की भागीदार बढ़ेगी एवं समाज को नई दिशा मिलेगी।
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