- ( ब्यूरो रिपोर्ट )
भारत देश को के नए उपराष्ट्रपति के रूप में राजग उम्मीदवार जगदीप धनखड़ की जीत तो पहले दिन से तय थी, लेकिन मतगणना के बाद वोटों का जो अंतर आया उसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि विपक्ष क्या खुद से भी हार गया। कुल 725 वोट पड़े थे। इनमें से धनखड़ को 528 वोट मिले और विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 182 वोट। 15 वोट अवैध पाए गए। इस तरह धनखड़ ने विपक्षी उम्मीदवार को 346 मतों से पराजित किया है।
– 11 अगस्त को लेंगे शपथ
वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त तक है। उसके अगले दिन यानी 11 अगस्त को धनखड़ उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। वह देश के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत पक्ष विपक्ष के नेताओं ने धनखड़ को जीत की बधाई दी है।

– संसद भवन परिसर में सुबह 10 बजे वोटिंग
नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए शनिवार को संसद भवन परिसर में सुबह 10 बजे वोटिंग शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने वोट डाले। उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य ही मतदान करते हैं।
– 780 वोटरों में से 55 गैर हाजिर रहे
शाम छह बजे के बाद मतगणना शुरू हुई और करीब 7.30 बजे यह पूरी हुई। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने आंकड़ों के साथ धनखड़ की जीत की घोषणा की। कुल योग्य 780 वोटरों में से 55 गैर हाजिर रहे। ऐसे में 528 वोटों के साथ धनखड़ ने लगभग 74 प्रतिशत वोट हासिल किया जो पिछले छह उपराष्ट्रपति चुनाव में सबसे बड़ा मार्जिन बताया जा रहा है।

– पीएम मोदी ने धनखड़ को उनके घर जाकर दी जीत की बधाई
नतीजों की घोषणा के तत्काल बाद प्रधानमंत्री मोदी समेत पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने धनखड़ को जीत की बधाई दी। पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धनखड़ को उनके घर जाकर बधाई दी। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी धनखड़ को जीत की बधाई दी।
– खुद से ही हारता नजर आया विपक्ष
पिछले महीने हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव का बड़ा राजनीतिक संदेश यह है कि विपक्ष सत्तापक्ष को हराने के बजाय खुद से ही हारता दिखा। यह स्पष्ट होना बाकी है कि जिन 15 सदस्यों के वोट अवैध हुए वे कौन हैं। विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने वोट भी नहीं दिया।

– आंकड़े विपक्ष के लिए चेतावनी
राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव के आंकड़े विपक्ष के लिए गंभीर चेतावनी है। राष्ट्रपति चुनाव के वक्त से ही विपक्षी एकजुटता की बात बार-बार की जाती रही और लगभग उसी वक्त से इसमें दरारें भी दिखती रहीं। क्षेत्रीय राजनीति का असर इन चुनावों पर भी दिखा और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस लाचार नजर आई।
– संसद के दोनों सदनों के अध्यक्ष होंगे राजस्थान से
धनखड़ की जीत के साथ ही संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के अध्यक्ष राजस्थान से होंगे। उपराष्ट्रपति के तौर पर धनखड़ राज्यसभा के सभापति होंगे। वह राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले हैं। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला भी राजस्थान के कोटा जिले के रहने वाले हैं। वह कोटा से ही सांसद भी हैं।
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