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बीमा कंपनियां"माला माल": पालसी धारक होते "बर्बाद", कौन समझें "दिल का हाल" ?
उत्तर प्रदेश

बीमा कंपनियां “माला माल”: पालसी धारक होते “बर्बाद”, कौन समझें “दिल का हाल” ?

  • विनोद मिश्रा

बांदा। बीमा कंपनियां मालामाल और लाभ न मिलने से पालसी धारक ठगी का शिकार हो कंगाल हो रहें हैं। सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन बीमा अधिक से अधिक कराने के लिये ढिढ़ोरा पीट रहा हैं। हमारी यह खबर फसल बीमा पर हैं। फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा देने के लिए लागू की गई यह योजना बीमा कंपनियों के लिए “दसों उंगलियां शुध्ध देशी घी में” साबित हो रही हैं। किसान “ठगी” का सा शिकार “छाती पीटता” चिल्लाता सा रह जाता हैं। यह अधिकांश किसानों की “कराह” हैं।

बीमा कंपनियां"माला माल": पालसी धारक होते "बर्बाद", कौन समझें "दिल का हाल" ?
Insurance companies “garland goods”: policy holders would have been “ruined”, who would understand “heart condition”? (signal picture)

चित्रकूट धाम मंडल में बीमा कंपनियों ने सत्र 2019-20 और 2021-22 में 2 लाख 36 हजार 379 किसानों और सरकार से फसल बीमा के नाम पर 16 करोड़ 23 लाख रुपये प्रीमियम वसूला । किसानों को क्लेम के रूप में सिर्फ तीन करोड़ 25 लाख रुपये मिले। बीमा कंपनी के नियमों और अफसरों की लापरवाही के कारण किसान “क्लेम से वंचित” रह जाते है। बांदा और चित्रकूट जिलों में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड किसानों की फसल का बीमा कर रही है। पॉलिसी लेने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग के अफसर “ड्यूटी भांज” रहें है! पर कहानी “दूध की जली मठ्ठा फूंक -फूंक कर पीने” जैसी है ! क्लेम नहीं तो क्यों कराएं बीमा ?

बीमा कंपनियां"माला माल": पालसी धारक होते "बर्बाद", कौन समझें "दिल का हाल" ?
Insurance companies “garland goods”: policy holders would have been “ruined”, who would understand “heart condition”? (signal picture)

मात्र एक उदाहरण ही स्थिति स्पष्ट कर देगा।तिंदवारी के किसान देवी दयाल का कहना हैं कि पानी के कमी की वजह से फसल करीब 30 फीसदी तक खराब हो गई। बीमा कंपनी के अधिकारी कई बार शिकायत करने पर आए और मौके से सैंपल भी लेकर गए, मगर क्लेम नहीं मिला। तमाम किसान कहते हैं कि कंपनियां जांच के नाम पर बहुत तंग करती हैं, तब कहीं जाकर बमुश्किल क्लेम मिल पाता है। डीएम अनुराग पटेल ने बीमा कंपनी और कृषि विभाग को आदेश दिया है कि किसानों को प्राथमिकता के आधार पर फसल बीमा का लाभ दिया जाए। और बीमा करवाया जाये।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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