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बालू डंप माफिया नियमों को धता बता बोल रहें "बम -बम": लाल कमाई में पूरी दाल काली ?
उत्तर प्रदेश

बालू डंप माफिया नियमों को धता बता बोल रहें “बम -बम”: लाल कमाई में पूरी दाल काली ?

  • विनोद मिश्रा

बांदा। मोरंग डंप कर रहे बालू माफिया निर्धारित मात्रा से ज्यादा बालू डंप कर बम – बम बोल रहें हैं पर खनिज विभाग जांच के बजाय अपने “निकम्मेपन” का “ग्रेनिज बुक” में नाम लिखवाने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। आश्चर्य तो यह भी हैं कि कई आवेदकों को मौरंग कारोबारियों ने डंप के लिए खनिज विभाग में आवेदन कर दिया है, उन्हें अभी तक लाइसेंस मिला नहीं और डंप शुरू है। “वाह रे लक्ष्मी जी की माया” जिसके बदौलत “डंप” बालू नियमावली की “काया” बदल गई है। इसकी बानगी मवई बुजुर्ग और गिरवां क्षेत्र में देखी जा सकती है।

बालू डंप माफिया नियमों को धता बता बोल रहें "बम -बम": लाल कमाई में पूरी दाल काली ?
The sand dump mafia is defying the rules and saying “Bum-Bum”: The whole lentils are black in red earnings?

अब हम आपको यह भी बता दें कि किन किन माफियाओं या उनके गुर्गों नें डंप लाईसेंस लिया हैं। इनमें क्रमशः यूरेका माइंस पपरेंदा एक लाख घन मीटर, रामबली सिंह लामा 40 हजार घन मीटर, सत्य प्रकाश गुप्ता अतरहट एक लाख, विनोद कुमार यादव पपरेंदा एक लाख, अनुराग पांडेय उजरेहटा 50 हजार, शिवशंकर त्रिपाठी मवई बुजुर्ग 50 हजार, विपिन त्रिपाठी गोयरा मुगली 20 हजार, यशपाल सिंह लामा 15 हजार, सुनील सिंह रगौली भटपुरा 10 हजार, धर्मेंद्र सिंह अतरहट 20 हजार, माया देवी करहिया 15 हजार, रामशरण त्रिवेदी गोयरा मुगली 10 हजार, शिवचरण प्रजापति गोयरा मुगली 30 हजार, हरिप्रकाश अग्निहोत्री सोनामऊ 12 हजार, एचएसएम होल्डिंग करतल 1.35 हजार, अमित लामा 50 हजार, आशुतोष शुक्ला पछौहा 25 हजार,राजकुमार जायसवाल छापर 30 हजार घन मीटर हैं।

बालू डंप माफिया नियमों को धता बता बोल रहें "बम -बम": लाल कमाई में पूरी दाल काली ?
The sand dump mafia is defying the rules and saying “Bum-Bum”: The whole lentils are black in red earnings?

इसी क्रम में राघवेंद्र लामा 60 हजार, राशिद अली उजरेहटा 75 हजार, रामस्वरूप चतुर्वेदी बरसंडा मानपुर 13 हजार, छंगा तिंदवारा 15 हजार घन मीटर हैं। लाइसेंस के लिए 30 लोगों ने आवेदन किया था। जांच के बाद 23 लोगों को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। इनके डंपों पर लगातार निगरानी नहीं रखी जा रही। राघवेंद्र लामा ,छंगा तिंदवारा ,धर्मेंद्र सिंह अतरहट यह कुछ बतौर नमूने ऐसे उदाहरण हैं जहां निर्धारित डंप में भारी अंधेरगर्दी हैं।

इन डंपों मे धूर्तता का शुमार और चमत्कार चारसौ बीसी का “चक्रव्यूह” रचे हैं ? खनिज अधिकारी अर्जुन की निगहबानी डंप बालू पर न हो कथित मेहरबानी बताई जाती हैं। “चुम्मां -चुम्मां” का खेल खेल रहें हैं। डंप में लगभग हर जगह गड़बड़ी हैं पर मौरंग जब्त व नीलाम के साथ लाइसेंस धारक के खिलाफ कार्रवाई से परहेज क्यों ? कुछ न कुछ तो दाल में काला है या पूरी दाल ही काली है ?

 

 

 

 

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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