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- विनोद मिश्रा
बांदा। पशुपालन विभाग का दावा है कि जनपद में करीब 50 हजार बेसहारा गोवंशों को संरक्षित किया जा रहा है। इसके लिए करीब साढ़े तीन सौ गोशालाएं संचालित हो रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। शहर में ही नगर पालिका का कान्हा पशु आश्रय स्थल गंछा गांव में संचालित हो रहा है, लेकिन इस समय वह बेसहारा गोवंशी पशुओं से खाली है। इसी तरह अतर्रा, बबेरू, नरैनी, तिंदवारी, मटौंध आदि में भी सड़कों व गलियों में बेसहारा पशुओं को विचरण करते देखा जा सकता है।

मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह जनपद बांदा में शहर व ग्रामीण इलाकों में बेसहारा पशुओं को संरक्षित न किए जाने के मामले को लेकर खफा हैं। उन्होंने गुरुवार को जिलाधिकारी अनुराग पटेल को पत्र लिखकर छह जून तक आख्या मांगी है। कहा है कि बेसहारा घूमने वाले गोवंशी पशुओं को संरक्षित करने के लिए कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही वीडियो कान्फ्रेसिंग में मुख्य सचिव ने भी नाराजगी जताई है। इसके बावजूद यहां शहर में तमाम बेसहारा गोवंशी पशु घूम रहे हैं। उन्होंने गोवंशी बेसहारा पशुओं को संरक्षित कर सप्ताह भर में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है।
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