- विनोद मिश्रा
बांदा। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक दलजीत सिंह नें जिले के निजी स्कूलों में फीस के साथ किताबों के दामों में बढ़ोत्तरी पर चिंता जताई है। कहा है की इस स्थिति से अभिभावक परेशान हैं। पढ़ाई की फीस व डोनेशन जमा करने में अभिभावकों का सारा बजट बिगड़ गया है। अभिभावक कर्ज से बच्चों का दाखिला करवा रहे हैं।

पूर्व विधायक नें कहा की प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर किये जाने वाली मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग को चुप्पी तोड़ना चाहिए। प्राइवेट स्कूल संचालकों से कोई यह पूछने वाला नहीं कि आखिर किसके नाम पर इतनी भारी भरकम रकम एडमीशन के नाम वसूली जा रही है। किताबों के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। स्कूलों में हर अभिभावकों के स्कूल में किसी न किसी मद के नाम पर पैसा वसूला जाता है। हर साल किताबों में बदलाव किये जाने से इसकी अलग महंगाई की मार झेलनी पड़ती है। ऐसा ही कुछ इस बार भी देखने को मिल रहा है

पूर्व विधायक नें कहा की शहर के नामी गिरामी निजी व कॉन्वेंट स्कूलों में मनमानी हो रही है। एडमिशन फीस के साथ डोनेशन में बिल्डिंग, बिजली, पानी, पंखा, ड्रेस, किताब, जनरेटर के नाम पर अभिभावकों से भारी भरकम पैसे वसूले जा रहे है। हाईफाई स्कूलों में एडमीशन फीस दस हजार रुपये है वहीं छोटे स्कूलों में तीन हजार से पांच हजार तक है। इसके बाद हर माह की फीस अलग है। स्कूलों मे एनसीईआरटी की किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को खरीदवा रहे हैं, जिसमें स्कूल प्रबंधन को अधिक कमीशन मिल रहा है। इस बार हर किताब पर पंद्रह से बीस फीसदी दाम बढ़े है। पूर्व विधायक नें कहा की वह इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री से मिलेंगे। सारी स्तिथि से अवगत करा शिक्षा के नाम पर निजी स्कूलों की वेतहासा डकैती पर रोक लगवाई जायेगी।
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