- विनोद मिश्रा
बांदा। मानव सभ्यता से लेकर अब तक सभी के लिए भरण पोषण मृदा द्वारा ही सम्भव हो पाया है। आज हम स्वस्थ है इसलिए कि मृदा हमारी अस्वस्थ नहीं है। जिस दिन मृदा अस्वस्थ हो गई या प्रदूषित हो गई उस दिन मानव के साथ-साथ सभी जीव जन्तुंओं का विनाश हो जाएगा। कृषि के क्षेत्र से जुड़े हुए सभी लोगों की यह जिम्मेदारी है कि हम इस जननी को जिसे हम धरती मां कहते हैं प्रदूषित होने से बचाएं। मृदा श्रृष्टि की जननी है। धरती पर मनुष्य ही सबसे समझदार प्राणी है। सभी मानव का यह कर्तव्य है कि किसी भी तरह से इस मां के गोद को हम प्रदूषित होने से बचाएं। यह बात कुलपति प्रोफेसर नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि विश्वविधालय के बहुउद्देशीय सभागार में विश्व मृदा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षको एवं छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सभी की साझा जिम्मेदारी है कि हम इस बारे में विशेष रूप से सोचे। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने दायित्वो का भलिभांति निर्वहन करें। उन्होने कहा कि जिस तरह से शहरीकरण एवं आधार भूत ढांचा का विकास हो रहा है उससे मृदा स्वास्थ्य पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर सभी को सामूहिक चिंतन करने की आवश्यकता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि परिसर को स्वच्छ व स्वस्थ रखें, कम से कम वाहनो का उपयोेग करें, प्लास्टिक उपयोग से बचे तथा। इसके रिसाइक्लिंग पर भी विचार करें। विश्व मृदा दिवस, कृषि महाविद्यालय के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग द्वारा मनाया गया। कार्यक्रम में स्नातक, परास्नातक व पीएचडी के छात्रों ने भाग लिया। छात्रों में मृदा स्वास्थ्य एवं मृदा संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिए एक प्रश्नोŸारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रश्नोŸारी में 200 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया था। इसके अलावा छात्रों में मृदा एवं विश्व स्वास्थ्य के प्रति जानकारी एवं संवेदना जागृति करने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान स्नातक, परास्नातक छात्रों के लिए अलग-अलग क्विज और पोस्टर विजेता को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।

कार्यक्रम में निदेशक प्रसार प्रो. एनके वाजपेयी ने मृदा का पौराणिक एवं धार्मिक महत्व बताते हुए अपनी जिम्मेदारियों से लोगो को जागरूक किया। प्रो. वाजपेयी ने छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों से आहवान किया कि इस धरती को स्वस्थ रखने के लिए हमें दूसरों को भी जागरूक करना होगा। कुलसचिव डा. एसके सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मृदा संरक्षण पर जोर दिया। अधिष्ठाता कृषि डा. जीएस पवार ने बच्चो का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि बच्चो को अधिक से अधिक इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग के अध्यक्ष डा. जगन्नाथ पाठक ने विश्व विद्यालय के प्रक्षेत्र का पोषक तत्व स्तर का प्रस्तुतिकरण किया एवं विश्वविद्यालय के मृदा स्वास्थ्य के विषय में बताया। कार्यक्रम के आयोजन में प्रो. आनंद चैबे, डा. देव कुमार, डा. अमित मिश्रा, डा. जेके तिवारी, डा. अरविंद गुप्ता ने बहुमूल्य योगदान दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण, निदेशक, शिक्षकगण एवं छात्र छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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