– जल और दूध से कराया गया भगवान भोलेनाथ का अभिषेक
– मंदिर समिति के कार्यकर्ताओं ने की कड़ी मशक्कत
- विनोद मिश्रा
बांदा। सावन के दूसरे सोमवार को सुबह से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवालय हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठे। बीते वर्ष कोरोना महामारी के चलते प्रतिबंध कम होने से श्रृद्धालु इस बार अपने आराध्य का न सिर्फ स्पर्श कर पाये बल्कि जलाभिषेक और दुग्ध स्नान भी कराया। हालांकि शिव मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। मंदिरों के आसपास सुरक्षा के मद्देननजर पुलिस की मोबाइल टीमों को लगाया गया था।

शिव पुराण में सावन के महीने में शिव आराधना का विशेष महत्व बताया गया। माता पार्वती ने शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिये सावन के ही महीने में घोर तप किया था। इसलिये माना जाता है कि भोलेनाथ के जो भक्त पूरे सावन माह विधिविधान के साथ शिव आराधना करते हैं। उन्हें सिर्फ एक माह के पूजन से ही वर्ष भर के पूजन का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। बीते वर्ष सावन के कुछ दिनों पहले तक कोरोना महामारी का प्रकोप होने के कारण शिव मंदिरों को दर्शनों के लिये तो खोला गया था, लेकिन भक्तों को अपने आराध्य को स्पर्श करने की छूट प्रशासन ने नहीं दी थी। यहां तक कि जलाभिषेक और दुग्ध स्नान के लिये नली के द्वारा विशेष प्रकार का प्रबंध किया गया था। इस बार दूसरी लहर के प्रकोप के समय भक्तों को लग रहा था कि शायद इस बार भी वह अपने आराध्य की आराधना दूरी बनाकर ही कर पायेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन ने सुरक्षा के जरूर जबरदस्त इंतजाम किए, लेकिन आराधकों को अपने आराध्य से दूर नहीं होने दिया।

आराधक भोलेनाथ के दर्शनों के लिये इतने ज्यादा लालायित देखे गये कि वामदेवेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ से बचने के लिये भोले के भक्त रात दो बजे से ही जुटना शुरू हो गये। जैसे-जैसे समय बीतता गया, मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ती चली गई। सुबह तकरीबन 8 बजे से लेकर दिन 12 बजे तक तो आलम यह था कि कतारों में खड़े लोग तिल-तिल कर भी आगे बढ़ने को तरस रहे थे। पूरा मंदिर परिसर हर-हर बम-बम के उद्घोष से ऐसा गूंज रहा था। इस दौरान भक्तों के बीच ओम नमः शिवाय का जाप अलग चल रहा था। बोल बम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना हुआ था। तमाम श्रद्धालुओं ने कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रखा था, लेकिन प्रशासन चाहकर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करवा पाया। बड़ी संख्या में मंदिर कमेटी के स्वयंसेवक भी प्रबंध व्यवस्था में सहयोग करते दिखाई दिए। उधर प्राचीन दुर्ग कालिंजर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शनों को भी भक्तों की मंदिर प्रांगण से लेकर ऊपर सीढ़ियों तक लंबी कतारें लगी रहीं। जबकि पैलानी क्षेत्र के प्राचीन कालेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी।

– हर-हर-बम-बम के जयघोष से गूंजता रहा इलाका
बामदेवेश्वर पर्वत पर भगवान भोले शंकर का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु हर-हर-बम-बम का गगनभेदी जयघोष करते रहे। पूरा इलाका भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं का मानना है कि बामदेवेश्वर पर्वत पर विराजमान भगवान भोलेशंकर का दर्शन और जलाभिषेक करते से कष्ट दूर होते हैं और भोलेनाथ सबकी बिगड़ी बनाते हैं। बामदेवेश्वर के दर्शन करने के लिए यूपी के साथ ही मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी मत्था टेकते हैं।

– भंडारे में गरीबों को कराया गया भोजन
बामदेवेश्वर पर्वत के नीचे कतार में बैठे गरीबों को भंडारे का आयोजन कर भोजन कराया गया। बामदेवेश्वर मंदिर में माथा टेकने वाले श्रद्धालु प्रतिदिन गरीबों को भोजन कराते हैं। पूड़ी, सब्जी, खीर आदि का वितरण किया जाता है। गरीबों को भोजन कराने के लिए बामदेवेश्वर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी भी बराबर निगरानी करते हैं। प्रतिदिन कोई न कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचता है और गरीबों को भरपेट भोजन कराते हुए पुण्य लाभ अर्जित करता है।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )


![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
