27.2 C
Lucknow
October 12, 2026
City News Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश

डीएम आनंद ही सुलझा पायेंगे केंद्रीय विद्यालय की उलझी गुत्थी …

 

  • विनोद मिश्रा

बांदा। केंद्रीय विद्यालय के संचालन का पेंच उलझ गया है। इसकी उलझी गुत्थी डीएम आनंद सिंह के पहल से ही सुलझने की उम्मीदें उनकी ओर टिक गई हैं।कृषि विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय भवन में अस्थायी केंद्रीय विद्यालय संचालन में आपसी सहमति न बन पाने से विलंब हो रहा है। जिला प्रशासन और केंद्रीय विद्यालय संगठन के बीच इस बात पर सहमति नहीं बन पा रही कि प्रस्तावित जमीन पर संगठन कब तक विद्यालय भवन का निर्माण कराएगा। इसको लेकर दोनों ओर से पत्राचार जारी है।


कृषि विश्वविद्यालय में केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए आठ एकड़ जमीन प्रस्तावित की गई है। इस जमीन पर ही विद्यालय का निर्माण होना है। जिला प्रशासन और कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल केंद्रीय विद्यालय (कक्षा एक से पांच तक) के अस्थायी संचालन के लिए वानिकी महाविद्यालय के भवन को खाली करा लिया गया है। इस भवन में केंद्रीय विद्यालय संगठन को विद्यालय शुरू कराना था। ऐन वक्त पर केंद्रीय विद्यालय संचालन की ओर से यह पेंच लगा दिया कि जब तक उनका स्थायी विद्यालय भवन बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक वह अस्थायी भवन में विद्यालय संचालित करते रहेंगे।


इस पर जिला प्रशासन व कृषि विश्वविद्यालय ने यह कहकर कि केंद्रीय विद्यालय संगठन या तो विद्यालय निर्माण की तिथि बताएं या जिला प्रशासन की ओर से विद्यालय निर्माण की अवधि (तीन वर्ष) में स्थायी विद्यालय भवन तैयार करा लें। यदि निर्माण में एक-दो वर्ष का समय और लगता है तो बशर्त अस्थायी भवन में विद्यालय संचालन करना सुनिश्चित करें। इसको लेकर अस्थायी संचालन में एक बार फिर पेच फंस गया है।

पूर्व में जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह व कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. यूएस गौतम के साथ गठित समिति में शामिल एडीएम संतोष बहादुर, जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह, केंद्रीय विद्यालय (प्रयागराज) प्राचार्य गोविंद दास दुबे, केंद्रीय सार्वजनिक निर्माण (सीटीडब्ल्यूडी) इंजीनियर सुरेश बहादुर श्रीवास्तव ने केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रस्तावित आठ एकड़ जमीन का मौका मुआयना किया था। विद्यालय के अस्थायी संचालन के लिए कुलपति द्वारा प्रस्तावित वानिकी महाविद्यालय भवन को भी देखा था। कक्षाएं चलाने के लिए कक्ष क्षमता का आकलन किया गया था। यहां एक कक्ष में 40 छात्रों के बैठने की क्षमता बताई गई थी।
केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से स्थायी विद्यालय भवन निर्माण की अवधि नहीं बताई जा रही। जिला प्रशासन की ओर से तय सीमा (तीन वर्ष) निर्माण के लिए निर्धारित की गई है। इस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कहा गया कि जब तक उनका स्थायी भवन बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक वह अस्थायी भवन में विद्यालय संचालित करते रहेंगे। इससे विद्यालय संचालन में विलंब हो रहा है।


( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश ) 

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

मुख्यालय के प्राइवेट नर्सिंग होमों में भड़की आग तो जान बचाने को नहीं उपाय : नोटिस जारी

City News Uttar Pradesh

सीओ नितिन “खाकी” का बढ़ा रहे मान : जनता का मन “बागवां” हो कर रहा “गुणगान”

City News Uttar Pradesh

चित्रकूट में भीषण सड़क दुर्घटना : अनियंत्रित ट्रक ने बुलेट सवार दो चचेरे भाइयों को रौंदा, दर्दनाक मौत

City News Uttar Pradesh

कड़ाके की सर्दी ने ‘इंसानों’ के साथ ‘बेजुबानों’ की बढ़ाई ‘मुश्किलें’

City News Uttar Pradesh

एडीशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस को न्यायालय नें 13 लाख 67 हजार का ठोका जुर्माना

City News Uttar Pradesh

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित बोले: ‘संविधान’ बचाना ही सच्ची ‘देशभक्ति’

City News Uttar Pradesh Desk
ब्रेकिंग न्यूज़