- विनोद मिश्रा
बांदा। मंडल के चित्रकूट जेल में गैंगवार की घटना के बाद से मुख्तार की कुशल क्षेम जानने वालों की लंबी श्रंखला बांदा जेल प्रशासन के लिये आफत सा बन गया है। खैरियत जानने के लिए बांदा जेल अधिकारियों के मोबाइल की हर घंटे फोन की घंटी घनघनानें से वहां के प्रशासन के अधिकारी खुशी और गम से ओत प्रोत हैं। सूत्रों की माने तो सरकारी का खुफिया विभाग काल डिटेल निकलवाने योजना में हैं ! इससे जेल प्रशासन की नींद उड़ी बताई जा रही है !

दरअसल मुख्तार की कोरोना जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग को दिया जाने वाला नंबर जेल अधीक्षक के लिए कथित मुसीबत बना हुआ है। कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी का कहना है कि डान मुख्तार के हमदर्दों में इतनी नादानी है कि चित्रकूट जेल शुरू होने के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। मुख्तार अंसारी के जानने वाले ज्यादातर लोग गैंगवार की घटना को बांदा जेल की घटना समझ कर फोन कर रहे हैं। दर्जनों बार फोन की घंटियां घन-घना चुकी है, इनमें पंजाब, जौनपुर, आंध्र प्रदेश, लखनऊ आदि की कॉल भी शामिल हैं।

अधीक्षक का कहना है कि फोन करने मुख्तार का नंबर और चित्रकूट की घटना को बांदा जेल की घटना समझ रहे हैं। अब उन्होंने ऐसे फोन कॉल को उठाना बंद कर दिया। जेल के अंदर बंदियों के लिए संचालित पीसीओ को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।जेल प्रशासन तो फिलहाल यही मना रहा है कि रब्बा खैर करे !

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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