- विनोद मिश्रा
बांदा । जिले में सब्जी किसानों की किस्मत लाक डाउन हो गई है। केन और यमुना नदी की तराई में इस वर्ष सब्जियों की बिक्री डाउन होने से उनकी किस्मत पर ताला पड गया है। सब्जियां न बिकने से खेतों में फेंकनी पड़ रही है। टमाटर, कद्दू, लौकी, तरोई, करेली, कुल्फा (मलमला), पालक, ककड़ी, खीरा के दाम घट गए हैं। सब्जी बेंचने में पुलिस की धौंस से बचत का रास्ता चढ़ावा देने पर ही बचत का रास्ता है। करीब 10 गांवों में नदी किनारे सब्जी की बारी लगी है। लेकिन बिक्री ने होने से सब्जी की खेती करने वाले लोग परेशान हैं। कहते हैं कि गांव से बाहर सब्जी भेजने की जुगत नहीं समझ आ रही है।

जिले में सब्जी उत्पादन से जुड़े लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मेहनत को आढ़तिया बिचौलियो लेकर मालामाल हो रहे हैं वहीं उत्पादक व उपभोक्ता दोनो घाटे में हैं। शहर के भूरागढ़ में केन नदी किनारे सब्जी लगाए संतोष निषाद कहते हैं कि बड़ी मेहनत से तरोई, करेला, ककड़ी लगाई। सिचाई में बहुत दिक्कत है। अब लाक डाउन के कारण उनकी मेहनतभर नहीं निकल पा रही। यही हाल तिदवारा के विजय शुक्ला, रमेश मिश्रा बयां करते हैं कहते है कि खेत की सिचाई में बेतहाशा डीजल लगता है। वहीं आढ़तिया माटी मोल लौकी उधार में खरीदते हैं। अगले दिन पैसा देते हैं। समय से माल न बिकने के कारण नुकसान हो रहा है। अतर्रा चुंगी चौराहे पर सब्जी की दुकान किए बनवारीलाल, नत्थू प्रसाद कहते हैं लॉक डाउन में पुलिस उत्पीड़न बढ़ गया है। कैसे गुजारा हो समझ से परे है।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
