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October 11, 2026
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खास खबर : सेंट्रल यूपी के चौदह जिलों में सबसे ज्यादा सीटों पर भाजपा-सपा का कब्जा …

 

  • विनोद मिश्रा

बांदा। सेंट्रल यूपी के 14 जिलों की जिला पंचायत संदस्यों की सीटों पर किसी जिले में भाजपा तो किसी जिले में सपा ने सबसे ज्यादा सीटों पर कब्जा किया है। इन सब के बीच बसपा तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस का डब्बा गोल है।


कानपुर देहात से जिला पंचायत सदस्यों की 32 सीटें हैं। नवनिर्वाचित पंचायत सदस्यों में भाजपा को चार सीटें, सपा को आठ सीटें और बसपा को सात सीटें मिलीं, बाकी 13 निर्दलीय। आपराधिक इतिहास में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य मंजू सिंह के पति मंगल सिंह पर मामले दर्ज हैं।


कानपुर के 10 ब्लॉकों में प्रमुख पद के दावेदारों ने अपने-अपने पक्ष में लामबंदी शुरु कर दी है। इसे लेकर सबसे ज्यादा खींचातान भाजपा और सपा नेताओं में है। नतीजे आते ही बीडीसी को अपने खेमे में शामिल करने के लिए रिझाने का दौर शुरु हो गया है। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने पर जोड़तोड़ का खेल चल रहा है। कानपुर में सबसे अधिक 13 सीटें जीतकर सपा पहले और आठ सीटों के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर है।


हरदोई जिले में जिला पंचायत की कुल 72 सीटें हैं। जिसमें से 13 सीटें भाजपा, 9 सीटें सपा, 7 सीटें बसपा और अन्य/निर्दलीय ने 32 सीटें जीती हैं। 11 सीटों के रूझान अभी भी जिला प्रशासन नहीं दे पाया है। डीएम का कहना है कि अधिकृत सूची के लिए मिलान किया जा रहा है।


उन्नाव जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल 51 सीटें हैं। जिसमें से 8 सीटें भाजपा, 19 सीटें सपा, 3 सीटें बसपा और अन्य/निर्दलीय ने 21 सीटें जीती हैं। इटावा में जिला पंचायत सदस्य की कुल 24 सीटें हैं। जिसमें से 1 सीट भाजपा, 18 सीटें सपा, 1 सीट बसपा, 2 सीट प्रसपा और अन्य/निर्दलीय ने 2 सीट जीती हैं। सपा और प्रसपा गठबंधन को 20 सीटें मिली हैं। प्रसपा ने 10 उम्मीदवार उतारे थे, इसमें आठ उम्मीदवार सपा और प्रसपा के एक ही थे।


फतेहपुर जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 46 हैं। जिसमें से 7 सीटें भाजपा, 12 सीटें सपा, 3 सीट बसपा, 5 सीटें कांग्रेस और अन्य/निर्दलीय ने 19 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। अधिकारिक रूप से अभी तक सिर्फ 5 विजेताओं को ही प्रमाण पत्र दिए जा सके हैं। किसी बड़े आपराधिक परिवार से कोई क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत नहीं है।


फर्रुखाबाद में जिला पंचायत सदस्य की कुल 30 सीटें हैं। अभी तक मात्र 22 सीटों पर ही परिणाम घोषित हुए हैं। जिसमें सपा को 6, भाजपा को 3, बसपा को 2 और 11 सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीती हैं। आठ सीटाें के अभी तक नतीजे जारी नहीं हुए हैं।
जालौन में जिला पंचायत सदस्यों की कुल 25 सीटें हैं। बसपा ने 7 सीटों पर, सपा को 4, कांग्रेस को 1, जनता दल (वीपी सिंह) को एक और निर्दलीय को छह सीटाें पर जीत हासिल हुई है। फिलहाल आपराधिक इतिहास वाले परिवार से किसी भी व्यक्ति के चुनाव में खड़े होने और जीतने की कोई भी सूचना नहीं है। कन्नौज जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 28 हैं। जिसमें से 6 सीटें भाजपा, 9 सीटें सपा, 1 सीट बसपा, और अन्य/निर्दलीय ने 4 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। अभी तक आठ सीटों के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं।


महोबा जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 14 हैं। जिसमें से 3 सीटें भाजपा, 5 सीटें सपा और अन्य/निर्दलीय ने 6 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। ग्योड़ी सीट से जिला पंचायत सदस्य रमा सिंह (भाजपा समर्थित) जीती हैं। यह पूर्व मंत्री बादशाह सिंह के परिवार से हैं। इनके पति अवनींद्र सिंह उर्फ राजू सिंह पर चार मुकदमे दर्ज हैं।
बांदा जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 30 हैं। जिसमें से 7 सीटें भाजपा, 3 सीटें सपा, 11 सीट बसपा, 4 सीटें अपना दल और अन्य/निर्दलीय ने 5 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। बसे ज्यादा 11 सीटों पर बसपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। लोकसभा और विधान सभा चुनावों में हासिये पर आ गई बसपा के लिए डीडीसी की यह सफलता संजीवनी जैसी है।


चित्रकूट जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 17 हैं। जिसमें से 4 सीटें भाजपा, 5 सीटें सपा, 6 सीट बसपा को और अन्य/निर्दलीय ने 2 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। तीन सीटों में दो पर डकैतों के परिजन का कब्जा है। हमीरपुर जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल 17 सीटें हैं। जिसमें भाजपा के चार, सपा के चार, बसपा के दो, निषाद पार्टी से एक और छह निर्दलीय प्रत्याशी जीते। जिले में किसी भी जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी का आपराधिक रिकार्ड नहीं है, न ही इनके परिवार से जुड़े लोगों का हैं।


औरैया जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 23 हैं। जिसमें से 5 सीटें भाजपा, 10 सीटें सपा, 4 सीट बसपा, 5 सीटें और अन्य/निर्दलीय ने 4 सीट जीती हैं। भाग्यनगर ब्लॉक से सपा समर्थित व सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव चुनाव जीते। जिला प्रशासन ने इनके ऊपर कई अपराधिक मामले होने के कारण इन्हें जिला बदर कर दिया था और गैंगस्टर की कार्रवाई में जेल में निरूद्ध हैं। वहीं भाग्य नगर प्रथम से आकांक्षा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत चुनाव जीती है। इनके पति उदयवीर के ऊपर कई मुकदमें होने के जिला बदर की कार्रवाई की है।


( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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