- विनोद मिश्रा
बांदा। कोरोना संक्रमण में सांस टूट रहीं हैं, आस टूट रहीं हैं और इंसानों को जिंदगी देने वाली आक्सीजन साथ छोड़ रहीं हैं। जिला प्रशासन और धरती के भगवान यानी डाक्टर परेशान हैं।बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का ढिंढोरा पीटने वालों की पोल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने खोल दी है। ऑक्सीजन की मांग बढ़ने से राजकीय मेडिकल कालेज में भी पर्याप्त आपूर्ति का संकट मंडराने लगा है। यहां प्रतिदिन लगभग 270 सिलिंडर (जंबो) ऑक्सीजन की खपत है, लेकिन रोजाना एक साथ इतने सिलिंडर नहीं मिल पा रहे। रात-दिन में कई किस्तों में वाहनों पर ऑक्सीजन सिलिंडर ढोए जा रहे हैं। आलम यह है कि पर्याप्त आपूर्ति न होने से तीमारदार अपने मरीज की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर छीनने व झगड़ने पर उतारू हैं। यह बात खुद मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य ने स्वीकारी।

हालांकि, उनका दावा है कि ऑक्सीजन आपूर्ति में फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, मेडिकल कालेज में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के कुल 151 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा बांदा के 112 मरीज हैं। चित्रकूट के 24, हमीरपुर के 10 और महोबा के पांच संक्रमित भी शामिल हैं। अधिकांश ऑक्सीजन के सहारे हैं। हर जगह ऑक्सीजन की खपत बढ़ने से इसकी जबरदस्त किल्लत है। बांदा मेडिकल कालेज में भी ऑक्सीजन की मांग बढ़ने से पर्याप्त आपूर्ति का संकट मंडराने लगा है। पूर्व में जहां प्रतिदिन 25-30 सिलिंडर की जरूरत होती थी अब बढ़कर लगभग 270 सिलिंडर पहुंच गई।

ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्ति चेन को बरकरार रख पाना मेडिकल कालेज प्रशासन के मुश्किल हो रहा है। कब ऑक्सीजन खत्म हो जाए, इसका तनाव भी। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन आपूर्ति में देरी होने पर चित्रकूट अस्पताल से 20 और बांदा जिला अस्पताल से 10 सिलिंडर मंगाने पड़े। बाद में 90 सिलिंडर की खेप आ गई। बताया कि तीन-चार किस्तों में कानपुर व नौगांव (एमपी) से सिलिंडर आ रहे हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि ऐसे में सप्लाई चेन मेनटेन रख पाने में दिक्कत हो रही है। स्वीकारा कि तीमारदार भी सिलिंडर के लिए छीना-झपटी करने लगे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ झगड़े पर आमादा हो रहे। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।

ऑक्सीजन संकट के बीच मेडिकल कालेज को गैस पाइपलाइन मरम्मत के लिए 23 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। करीब 280 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट हैं, लेकिन लीकेज से गैस पाइपलाइन में शोपीस बनी रही। डीएम आनंद कुमार सिंह की पहल पर इसकी मरम्मत के लिए 23 लाख बजट जारी हो गया। प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि कई जगह लीकेज से यह चालू नहीं है। इसके संचालन के लिए उन्होंने कई बार बड़े अफसरों को पत्र भी भेजा। अब बजट मंजूर हो गया है। जल्द मरम्मत कर पाइपलाइन चालू की जाएगी।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
