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October 10, 2026
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बांदा के 'पशु अस्पताल' बने 'मौत के घर': जर्जर छतों के नीचे 'इलाज' को 'मजबूर डॉक्टर'
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

बांदा के ‘पशु अस्पताल’ बने ‘मौत के घर’: जर्जर छतों के नीचे ‘इलाज’ को ‘मजबूर डॉक्टर’

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जिले में पशुओं के इलाज की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के राजकीय पशु चिकित्सालय जर्जर इमारतों में चल रहे हैं और स्टाफ के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। नतीजा 1.27 लाख से ज्यादा पशुओं की सेहत भगवान भरोसे है।

बांदा के 'पशु अस्पताल' बने 'मौत के घर': जर्जर छतों के नीचे 'इलाज' को 'मजबूर डॉक्टर' शहर के स्टेडियम रोड, बबेरू और नरैनी के “पशु अस्पताल 50-60 साल पुराने” हैं। छतों से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं। स्टाफ का कहना है “यहां बैठकर इलाज करना खतरे से खाली नहीं। बारिश में कभी भी इमारत ढह सकती है।” मजबूरी में शहर के डॉक्टर अस्पताल के सामने बनी “लैब की इमारत में बैठकर इलाज” कर रहे हैं।

बांदा के 'पशु अस्पताल' बने 'मौत के घर': जर्जर छतों के नीचे 'इलाज' को 'मजबूर डॉक्टर' स्टाफ की कमी भी “विकराल” है। बबेरू का अस्पताल 61 गांवों के 56 हजार से ज्यादा पशुओं की जिम्मेदारी के साथ सिर्फ 1 डॉक्टर, 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मी और 1 चालक के “सहारे” चल रहा है। इन्हें अस्पताल के साथ गोशाला भी देखनी पड़ती है। करतल अस्पताल पिछले 2 साल से अकेले डॉ. अभिषेक कुमार के “भरोसे” है। डॉक्टर छुट्टी पर जाएं तो अस्पताल बंद हो जाता है। “नरैनी का 60 साल पुराना भवन भी जर्जर” है। यहां 83 ग्राम पंचायतों के 71,877 पशुओं का इलाज होना है।

बांदा के 'पशु अस्पताल' बने 'मौत के घर': जर्जर छतों के नीचे 'इलाज' को 'मजबूर डॉक्टर' उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि “भवन नवीनीकरण और नए भवन” के लिए “शासन को कई बार पत्र” भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश शुरू होते ही ये “अस्पताल बंद होने के कगार पर पहुंच” जाते हैं। ऐसे में टीकाकरण, सर्जरी और आपातकालीन इलाज पूरी तरह ठप हो जाता है। “सरकार” को चाहिये कि सरकार तुरंत जर्जर भवनों को गिराकर नए अस्पताल बनवाए और खाली पदों पर भर्ती करे। वरना एक दिन “कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद ही शासन की नींद” खुलेगी।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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