
- विनोद मिश्रा
बांदा। विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में बांदा ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। जिले की 469 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए शासन ने 9.30 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट मंजूर की है। इस धनराशि से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ऐसे स्थायी कार्य कराए जाएंगे, जो गांवों को साफ-सुथरा, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में “मील का पत्थर” साबित हो सकते हैं। यह योजना केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास, बेहतर स्वास्थ्य और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं की “मजबूत नींव” भी रखेगी।
जिला पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करीब 15 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। इसके सापेक्ष शासन ने प्रथम चरण में 9.30 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कर दी है। अब ग्राम पंचायतें स्वीकृत कार्य कराकर बिल प्रस्तुत करेंगी, जिसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाएगा। इस योजना के तहत रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी), सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर, सोख्ता गड्ढे, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, नाडेप, खाद गड्ढे, लीच पिट, ई-रिक्शा तथा हैंडपंपों के सोकपिट जैसे विकास कार्य कराए जाएंगे।
इन परियोजनाओं से न केवल कूड़ा-कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था बनेगी, बल्कि जलभराव की समस्या कम होगी, भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और गांवों का पर्यावरण भी बेहतर होगा। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिए शासन से क्रेडिट लिमिट की संस्तुति प्राप्त हो चुकी है। सभी ग्राम पंचायतों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही कार्यों में तेजी आएगी।
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