City News Uttar Pradesh
मंडल की 329 गोशालाओं पर 'ताला': सरकार ने 'करोड़ों की भ्रष्ट व्यवस्था' पर लगाया ब्रेक?
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

मंडल की 329 गोशालाओं पर ‘ताला’: सरकार ने ‘करोड़ों की भ्रष्ट व्यवस्था’ पर लगाया ब्रेक?

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। सरकार ने आखिरकार उन गोशालाओं परस बड़ा फैला ले लिया है, जहां व्यवस्था से ज्यादा खर्च और गोवंशों से ज्यादा खालीपन दिखाई दे रहा था। चित्रकूटधाम मंडल में 100 से कम गोवंश वाली 329 गोशालाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इन गोशालाओं में मौजूद गोवंशों को अन्य स्थायी और अस्थायी गोशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। इस फैसले से सरकार को हर महीने लगभग 80 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है।

मंडल की 329 गोशालाओं पर 'ताला': सरकार ने 'करोड़ों की भ्रष्ट व्यवस्था' पर लगाया ब्रेक?यह निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पशुपालन विभाग द्वारा कराए गए व्यापक निरीक्षण के बाद सामने आया। जांच में पाया गया कि मंडल के चारों जिलों में बड़ी संख्या में ऐसी गोशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां गोवंशों की संख्या निर्धारित मानक से काफी कम है। इसके बावजूद कर्मचारियों का मानदेय, चारा, पानी और रखरखाव पर नियमित सरकारी खर्च जारी था। सरकार का मानना है कि कम गोवंश वाली गोशालाओं को अलग-अलग चलाने के बजाय पशुओं को बड़े और संसाधनयुक्त केंद्रों में भेजना अधिक व्यावहारिक होगा। इससे न केवल पशुओं की बेहतर देखभाल संभव होगी, बल्कि सरकारी धन का भी अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा।

मंडल की 329 गोशालाओं पर 'ताला': सरकार ने 'करोड़ों की भ्रष्ट व्यवस्था' पर लगाया ब्रेक?आंकड़ों के अनुसार, केवल हमीरपुर जिले में ही ऐसी 163 गोशालाएं हैं, जहां 100 से कम गोवंश पाए गए। चित्रकूटधाम मंडल के अन्य जिलों में भी ऐसी गोशालाओं की संख्या उल्लेखनीय है। शासन की विशेष टीम ने जून माह में इन गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि अनेक गोशालाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं।

मंडल की 329 गोशालाओं पर 'ताला': सरकार ने 'करोड़ों की भ्रष्ट व्यवस्था' पर लगाया ब्रेक?पशुपालन विभाग के अनुसार, प्रत्येक गोशाला पर गोवंशों के चारे और पानी के अलावा केयरटेकर, चौकीदार, चरवाहों तथा अन्य व्यवस्थाओं पर प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये या उससे अधिक खर्च होता है। 329 गोशालाओं के संचालन पर होने वाला यही खर्च अब बच सकेगा, जिससे सरकारी खजाने पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा। अधिकारियों का कहना है कि गोशालाओं को बंद करने का अर्थ गोवंशों को बेसहारा छोड़ना नहीं है। सभी गोवंशों को चरणबद्ध तरीके से अन्य स्थायी एवं अस्थायी गोशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी देखभाल और सुरक्षा प्रभावित न हो।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

मुख्तार अंसारी का “मायाजाल” : बिना “बागवां” चल रहा मंडल “कारागार” तैनाती “न बाबा न” !

ग्रामीण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में गोयरा की टीम ने फाईनल जीता

City News Uttar Pradesh

बांदा : बीते साल में तोहफे तो मिले, पर बाईपास रह गया अधूरा, हो गया खटारा !

City News Uttar Pradesh

संचारी रोग नियंत्रण अभियान की खाना पूरी ! कागजों में किया जा रहा सब ओके !

डीएम जे रीभा नें समाधान दिवस पर दिया कड़ा संदेश: अनुपस्थित अधिकारियों पर गिरी गाज

City News Uttar Pradesh

कमाल हो गया : बुंदेलखंड के रसगुल्ले नें बनाया रिकार्ड,एक रसगुल्ला पूरा खा लेना असंभव

ब्रेकिंग न्यूज़