City News Uttar Pradesh
बांदा में 'सांस' भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की 'सत्ता संरक्षित' वसूली ?
उत्तर प्रदेश

बांदा में ‘सांस’ भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की ‘सत्ता संरक्षित’ वसूली ?

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जिस “प्राणवायु को प्रकृति ने इंसान को निःशुल्क” दिया है, “वह बांदा में अब बिक” रही है। और “वह भी सरकारी संरक्षण में, सत्ता के रसूखदारों” के इशारे पर। जिला मुख्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर बने “ऑक्सीजन पार्क की हवा अब ठेके” पर है। यहां प्रवेश करने के लिए अब 5 रुपये का टिकट लेना होता है। यानी अब “कहावत” बदल चुकी है “बोटिंग क्लब जाओ, पांच रुपये दो, साँस भरो !”

बांदा में 'सांस' भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की 'सत्ता संरक्षित' वसूली ?

जिस पार्क को “ऑक्सीजन पार्क” कहा जा रहा है, वहां “एक भी ऑक्सीजन देने वाला घना पेड़” नहीं है। पार्क की हालत पर “आंख का अंधा नाम नयन सुख” कहावत सटीक बैठती है। यहां हरियाली नाममात्र की है, लेकिन “टिकट खिड़की से साफ-साफ वसूली” हो रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस पार्क का संचालन उस व्यक्ति को दिया गया है जो सत्ताधारी दल के संगठन का कथित बड़े चेहरे का नजदीकी है। ठेका उसव्यक्ति के नाम है जिसका पिता नगर प्राधिकरण की सत्ताधारी कुर्सी पर बैठे हैं ! “यह संयोग है या सुनियोजित सरकारी-निजी गठजोड़”, यह अब “प्रशासन से पूछने का विषय बन गया” है !

बांदा में 'सांस' भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की 'सत्ता संरक्षित' वसूली ?

पार्क में टिकट के नाम पर बिना किसी सार्वजनिक सूचना के सीधे वसूली की जा रही है। “पार्क में न तो ठेके की अवधि लिखी गई है, न ही संचालन के नियम, और न ही यह बताया गया है कि प्राप्त राशि कहां जमा” हो रही है। रसीदें बेटे के नाम से कट रही हैं, लेकिन “पैसा सत्ता की सांसों” में जा रहा है। यह महज़ कोई पार्क ठेका नहीं “यह राजनीतिक ऑक्सीजन का लाइसेंस” है?

बांदा में 'सांस' भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की 'सत्ता संरक्षित' वसूली ?

जहां एक ओर शासन-प्रशासन सत्ता को “ज़िंदा रखने के लिए हवा पहुंचाता” है, वहीं दूसरी ओर “आम जनता को दमघोंटू भ्रष्टाचार में घुटने के लिए मजबूर” किया जा रहा है। प्रदेश सरकार हर मंच पर प्रचार करती है कि “पर्यावरण बचाओ, पेड़ लगाओ” लेकिन “बांदा में पर्यावरण नहीं, रसीदें बढ़” रही हैं। यहां “पेड़ नहीं, सत्ताधारी छांव” है। यहां “ऑक्सीजन नहीं, प्राइवेट वसूली की हवा” है।

बांदा में 'सांस' भी अब ठेके पर : ऑक्सीजन पार्क में घुसने की 'सत्ता संरक्षित' वसूली ?

प्रशासन से लेकर विकास प्राधिकरण तक, हर जिम्मेदार अधिकारी से यह पूछा जाना चाहिए कि “किस आधार पर ठेका” दिया गया ? क्या “सरकारी योजना की आड़ में वसूली जायज” है? इस ऑक्सीजन पार्क ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या “सरकारी योजनाओं का हकदार आम नागरिक है या सत्ता से जुड़ा खास” ? प्रश्न सिर्फ “पांच रुपये का नहीं यह सवाल शासन की नीयत और नीति” का है।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

बलिया : दो कर्मियों के निलंबन के बाद आठ पर लटकी तलवार, जेल कर्मचारियों में मचा हड़कंप …

City News Uttar Pradesh

लघु सिंचाई विभाग की दादागिरी: बसहरी में मानक की अनदेखी कर तालाब जीर्णोद्धार

City News Uttar Pradesh

Banda : प्रधानमंत्री आवास योजना: लाभार्थियों के खाते में भेजी गई धनराशि, विधायक व जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने दिए प्रमाण पत्र…

City News Uttar Pradesh

बांदा : माध्यमिक शिक्षकों ने बीएलओ ड्यूटी न लगाने को दिया ज्ञापन …

City News Uttar Pradesh

मंत्री रामकेश द्वारा बाढ़ बचाव तैयारियों की समीक्षा एवं निरीक्षण: दिये सतर्कता निर्देश

महुआ की खुशबू, आदिवासियों की खुशहाली: चित्रकूट के जंगलों में खिली आजीविका की आशा

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़