24.9 C
Lucknow
October 14, 2026
City News Uttar Pradesh
शिक्षा को लगा शिक्षक का 'ग्रहण': नगर के स्कूलों में 'ज्ञान मरण', बच्चों का भविष्य अंधकार में
उत्तर प्रदेश

शिक्षा को लगा शिक्षक का ‘ग्रहण’: नगर के स्कूलों में ‘ज्ञान मरण’, बच्चों का भविष्य अंधकार में

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। “न कोई गुरु, न ज्ञान का सार, शिक्षा बनी मज़ाक का व्यापार!” ये पंक्तियाँ जिले के नगर क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों की वास्तविक तस्वीर बयां कर रही हैं। जिले में शिक्षक और छात्र के अनुपात को संतुलित करने की कवायद चाहे जितनी भी ज़ोर-शोर से चल रही हो, शहर के स्कूलों की हालत बद से बदतर होती जा रही है ! जहां एक ओर सरकारी दस्तावेज़ों में “निपुण भारत मिशन” और नई शिक्षा नीति 2020 के सपने दिखाए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि शहर में कई स्कूल ऐसे हैं, जो एक या आधे शिक्षक के सहारे चल रहे हैं !

शिक्षा को लगा शिक्षक का 'ग्रहण': नगर के स्कूलों में 'ज्ञान मरण', बच्चों का भविष्य अंधकार में

शहर के गूलरनाका क्षेत्र में जल संस्थान के बगल में स्थित दो परिषदीय विद्यालयों में सिर्फ एक-एक शिक्षिका संबद्ध की गई हैं, जबकि इन विद्यालयों में 100 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका रंजना के मुताबिक, उन्हें एक साथ तीन विद्यालयों का चार्ज दिया गया है। ऐसे में न तो पढ़ाई ठीक से हो पा रही है और न ही मिड-डे मील, हाजिरी, मूल्यांकन जैसे प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं। स्वराज कॉलोनी विद्यालय में एकमात्र शिक्षामित्र के भरोसे पूरे स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस लाइन के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार, जिनकी तैनाती एक अन्य विद्यालय में है, वे भी कभी-कभार ही स्वराज कॉलोनी आते हैं। नगर क्षेत्र के 28 परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। शिक्षा विभाग के मानकों के अनुसार, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रति 30 से 35 बच्चों पर एक शिक्षक अनिवार्य है, लेकिन बांदा नगर में यह अनुपात 1 शिक्षक: 100 छात्र के पार चला गया है।

शिक्षा को लगा शिक्षक का 'ग्रहण': नगर के स्कूलों में 'ज्ञान मरण', बच्चों का भविष्य अंधकार में

शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार, वर्ष 2010-11 में शिक्षक समायोजन नीति लागू की गई थी ताकि एक जगह शिक्षक अधिक और दूसरी जगह कम होने की समस्या खत्म की जा सके। लेकिन अफसरशाही की लापरवाही के चलते यह नीति ठंडे बस्ते में चली गई। नगर शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने स्वीकार किया कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों का शिक्षक कैडर अलग-अलग है, और नगर क्षेत्र में वर्षों से कोई नई नियुक्ति या समायोजन नहीं हुआ है। बार-बार मांग की गई, लेकिन ऊपरी स्तर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। परिषदीय विद्यालयों की शिक्षक संकट की यह तस्वीर न केवल बच्चों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की नीयत और कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

विधायक प्रकाश नें मुख्तार की मौत पर सवाल उठने वालों को लिया आड़े हाथ

City News Uttar Pradesh

प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री को कीड़े ने काटा तो अफसरों के फूले हाथ-पांव, सर्किट हाउस के कमरे में कर रहे थे रात्रि विश्राम

शराब बन गईं मौत का कारण : पत्नी से विवाद होने पर युवक नें संसार से लिया विदा

पूर्व भाजपा सांसद भैरों प्रसाद से मिले कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय: यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था को बताया बदहाल

City News Uttar Pradesh

बांदा डीएम जे रीभा ने संभाला कार्यभार : शासन की नीतियों को लागू करने का संकल्प

City News Uttar Pradesh

बांदा में ‘बरकत’ का बावनपरी खेल में ‘बरक्कत’: लाखों के लगते हैं दांव, 15 बाउंसरों का पहरा !

City News Uttar Pradesh Desk
ब्रेकिंग न्यूज़