City News Uttar Pradesh
बांदा जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी: मरीजों को हो रही भारी दिक्कत
उत्तर प्रदेश

बांदा जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी: मरीजों को हो रही भारी दिक्कत

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जिले में बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बांदा जिला अस्पताल की ओपीडी में सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे ज्यादातर वार्ड फुल हो चुके हैं। डॉक्टर मरीजों को दवा देकर घर भेजने को मजबूर हैं।

जिला अस्पताल की नहीं बज रही सिटी: मरीज ढाई माह से हैं परेशान

सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 500 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम और डायरिया जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल के जनरल वार्ड, पुलिस वार्ड और ट्रामा सेंटर के अधिकतर बेड पहले से ही भरे हुए थे, जिससे कई मरीजों को फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। मौसमी बीमारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम की सर्दी से बचने, गर्म कपड़े पहनने और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय वायरल बुखार, डायरिया और सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क लगाने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है।

बांदा जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी: मरीजों को हो रही भारी दिक्कत

अस्पताल में लंबी कतारों और वार्ड फुल होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के शंकर नगर निवासी अनुपमा, जो अपने बच्चे के साथ अस्पताल पहुंची थीं, ने बताया कि तीन दिन से दोनों बुखार और सर्दी से पीड़ित हैं, लेकिन अस्पताल में बेड न मिलने के कारण सिर्फ दवा लेकर लौटना पड़ा। स्वराज कॉलोनी के रमेश, जो पेट दर्द और उल्टी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे, ने कहा कि डॉक्टरों ने दवा दी है लेकिन भर्ती करने से इनकार कर दिया।

बांदा के अस्पताल कभी भी बन सकते है ज्वालामुखी से शमशान घाट, राम भरोसे है सब हाल !

इस हालात पर सवाल उठ रहे हैं कि अस्पताल में बेड और संसाधनों की कमी है या फिर मौसमी बीमारियों का असर इतना ज्यादा है कि अस्पताल मरीजों को संभाल नहीं पा रहा? स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है, लेकिन मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है। अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में मरीजों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश नें बताया, मत्स्य पालन अपनाये : मालामाल हो जायें

City News Uttar Pradesh

सरकारी सिस्टम बना तमाशा : सरकार वादों में व्यस्त, मज़दूर भूख और पलायन में पस्त !

City News Uttar Pradesh

मरने का शौक हो तो कातिल नहीं मिलता : इंस्टाग्राम में स्टेटस लगाकर युवक ने दी जान

पूर्व लोक निर्माण राज्यमंत्री के पौत्र की आत्महत्या मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट स्वजन, राजफाश नहीं होने पर सड़क पर उतर आंदोलन की दी चेतावनी

City News Uttar Pradesh

डीएम आनंद के निर्देश : छाबी तालाब के पानी की जांच, मछलियों पर क्यों आई आंच ? …

यूपी : भाजपा विधायक दल की 24 मार्च को बैठक, योगी आदित्यनाथ को औपचारिक रूप से चुना जाएगा विधायक दल का नेता

ब्रेकिंग न्यूज़