- विनोद मिश्रा
बांदा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की मान्यता न मिलने से बीए एलएलबी और एलएलबी में प्रवेश फंसा हुआ है। जबकि, बीयू द्वारा इन कोर्सों की प्रवेश परीक्षा का परिणाम 31 जुलाई को जारी किया जा चुका है। बीयू कैंपस समेत बुंदेलखंड के 12 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान में विधि की पढ़ाई कराई जाती है।

बताया गया कि इन शिक्षण संस्थानों में एलएलबी की करीब दो हजार और बीए एलएलबी की लगभग चार सौ सीटें हैं। समय-समय पर इन शिक्षण संस्थानों को प्रवेश के लिए बीसीआई से मान्यता लेनी पड़ती है। बताया गया कि बुंदेलखंड के एक कॉलेज को छोड़ दें तो बीयू कैंपस समेत अन्य महाविद्यालयों को विधि की पढ़ाई के लिए बीसीआई से मान्यता नहीं मिल सकी है। जबकि, बीए एलएलबी और एलएलबी में प्रवेश के लिए बीयू द्वारा परीक्षा कराई जाती है।

इस बार 28 जुलाई को प्रवेश परीक्षा हुई थी, इसका परिणाम 31 जुलाई को जारी हो चुका है। मगर बीसीआई की मान्यता न मिल पाने से प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई है। इस मामले में कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि महाविद्यालयों से बीसीआई की मान्यता का अनुमति प्रपत्र मांगा गया है। अभी एक कॉलेज को मान्यता मिल गई है। बीयू कैंपस और संबद्ध महाविद्यालयों को भी जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद है। जल्द ही एलएलबी और बीए एलएलबी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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