- विनोद मिश्रा
बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवासों का निर्माण ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ की तर्ज पर चल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के आवासों की बात तो दूर पिछले वित्तीय वर्ष के 1900 आवास अधूरे पड़े हैं। तीसरी किस्त लेनेे के बाद भी लाभार्थी आवास निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रशासन ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में शासन ने 24,741 आवासों का लक्ष्य दिया था। विभागीय आंकड़ों की माने तो 22,841 आवासों का ही निर्माण पूरा हुआ है। 1900 आवास अभी भी अधूरे हैं। लाभार्थी आवास निर्माण में रुपये नहीं ले रहे है, जबकि लाभार्थियों को तीनों किस्तों के 1.20 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।

सबसे खराब स्थिति विकास खंड महुआ की है, यहां पर स्वीकृत 4249 आवासों में 548 आवास अधूरे पड़े हैं। दूसरे नंबर पर बिसंडा है, यहां पर 3154 में 264, तीसरे नंबर में नरैनी यहां 4849 आवासों में 2 56 अधूरे हैं। कमोवेश यहीं स्थिति चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 की है। जिले को 17,023 आवासों का लक्ष्य मिला। शत प्रतिशत आवास स्वीकृत किए गए। चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक 8,117 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। करीब नौ हजार पीएम आवास अधूरे हैं।
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