- विनोद मिश्रा
ललितपुर। जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद नें कचनौंदा बांध का निरीक्षण किया। यहां “सिंचाई विभाग के कथित नाकाबिल अफसरों और कर्मचारियों ने सैकड़ों धरती पुत्रों को संकट में डाल दिया” है। बिना मुआवजा दिए कचनौंदा बांध के डूब में तैयार फसल सहित सैकड़ों एकड़ खेत डुबो दिए। इस समस्या से जूझ रहे ग्राम कल्यानपुरा व खिरिया छतारा के किसान दर-दर ठोकरें खाने को विवश है। उनमें जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है।

जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ललित पुर के प्रभारी मंत्री भी हैं। उनके संज्ञान में आया की “सिंचाई विभाग यहां खेल कर कांटा में कुलाटी मार रहा” है। इन्हीं सब सूचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कचनौंदा बांध का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां से संचालित सिंचाई एवं जल जीवन मिशन के तहत घरों को पानी की आपूर्ति की स्थितियों के देखा।

मालूम हो की सजनाम व बानयी नदी के मिलन स्थल पर सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए कचनौंदा बांध में चरणबद्ध ढंग से जलभण्डारण का कार्य जारी है। बांध का उच्चतम जलस्तर 341.70 मीटर है।इस बार की बारिश में 341.10 मीटर तक बांध में पानी का भंडारण किया गया है।

उसको फुल भरने में महज .60 मीटर तक पानी की और आवश्यकता है। फिलहाल बांध में पेयजल, सिंचाई आदि कार्यों के उपयोग को 49.07 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है।इस बार के जलभण्डारण ने बांध परियोजना को तकनीकी रूप से बेहद कमजोर साबित कर दिया है। बांध में चरणबद्ध ढंग से पानी का भण्डारण करते समय बानयी नदी के आस पास बसे कई ग्राम पंचायतों के खेत जलमग्न हो गए।
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