गाजियाबाद: मुरादनगर मामले से सीएम योगी आदित्यनाथ अफसरों से बेहद नाराज हैं. उन्होंने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. कमिश्नर और गाजियाबाद के डीएम समेत कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है.

लापरवाही का परिणाम है मुरादनगर हादसा
मुरादनगर की घटना से व्यथित और नाराज मुख्यमंत्री सोमवार को अधिकारियों पर जम कर बरसे. घटना को अफसरों की गंभीर लापरवाही करार देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है. ऐसे अपराध करने वाले अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. सीएम योगी ने कहा कि हर मंडलीय समीक्षा बैठकों में अफसरों को साफ तौर पर यह निर्देश दिया गया था कि, जिलों में हो रहे 50 लाख से अधिक की लागत के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच टास्क फोर्स गठित कर हर हाल में करवा ली जाए. मुरादनगर की घटना अफसरों की लापरवाही का परिणाम है.
मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि प्रदेश भर में जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं या हो चुके हैं उनकी गुणवत्ता की जांच कर अधिकारी रिपोर्ट भेजें. एक भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमीं मिली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिले के आला अधिकारियों की होगी.

जांच के दिए संकेत
मुरादनगर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को सख्त लहजे में दो टूक संदेश दे दिया है. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार अफसरों के लिए शासन में कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री ने घटना को लेकर गाजियाबाद के जिलाधिकारी और मेरठ की मंडलायुक्त समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच के संकेत भी दिए हैं.
बता दें कि सोमवार सुबह प्रशासन से नाराज मृतकों के परिजनों ने गाजियाबाद-मेरठ हाईवे को जाम कर दिया. मुरादनगर के पास हाईवे पर ही परिजनों ने मृतकों के शवों को सड़क पर रख कर हंगामा किया. योगी सरकार ने ऐलान किया है कि प्रशासन आरोपियों की संपत्ति कुर्क करेगा. सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है. साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी.

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि गाजियाबाद के मुरादनगर में रविवार दोपहर श्मशान घाट के प्रवेश द्वार के साथ बने गलियारे की छत गिरने से मलबे में दबकर 25 लोगों की मौत हो गई और 16 घायल है. मामले में पुलिस ने ईओ निहारिका सिंह, जेई सीपी सिंह, सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार कर लिया है. ठेकेदार अजय त्यागी समेत कुछ अन्य लोग फरार हैं.
आरोपियों पर इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
आईपीसी धारा 304 : गैर इरादतन हत्या
आईपीसी धारा 337 : किसी व्यक्ति को खतरा पहुंचाना
आईपीसी धारा 338 – व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली चोट
आईपीसी धारा 409 – धन का गबन,सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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