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यूपी : मायावती की पार्टी बसपा को किसी ने नहीं दिया 20 हजार से ज्यादा चंदा, भारत निर्वाचन आयोग की सार्वजनिक रिपोर्ट में हुआ खुलासा

  • ब्यूरो रिपोर्ट

लखनऊ । लगभग एक दशक से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर बहुजन समाज पार्टी (Bahujan samaj party) को पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान भी किसी दानदाता ने 20 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा नहीं दिया है। मायावती (Mayawati) की पार्टी द्वारा इस संबंध में दिए गए ब्योरे को भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने बुधवार को सार्वजनिक कर दिया।


मायावती के नेतृत्व वाली बसपा द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को सौंपी गई वार्षिक चंदा रिपोर्ट में बताया गया है कि पार्टी को व्यक्तिगत दानदाताओं और संस्थाओं से वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 20 हजार रुपये से ज्यादा की धनराशि का कोई चंदा नहीं मिला है। कई वर्षों से पार्टी को कम कमाई वाले लोगों से ही चंदा मिलता रहा है।

यूपी : मायावती की पार्टी बसपा को किसी ने नहीं दिया 20 हजार से ज्यादा चंदा, भारत निर्वाचन आयोग की सार्वजनिक रिपोर्ट में हुआ खुलासा
UP: No one has given more than 20 thousand donations to BSP, Mayawati’s party, disclosed in the public report of the Election Commission of India

बता दें कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 सी के तहत राजनीतिक दल को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किसी भी व्यक्ति या अन्य संस्थाओं से मिलने वाले 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आयोग को देना होता है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 सी के मुताबिक किसी राजनीतिक दल के कोषाध्यक्ष या उसके द्वारा अधिकृत कोई अन्य व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में किसी भी व्यक्ति या अन्य संस्थाओं से पार्टी को प्राप्त 20,000 रुपये से अधिक के चंदे के बारे में एक रिपोर्ट तैयार करेगा।

यूपी : मायावती की पार्टी बसपा को किसी ने नहीं दिया 20 हजार से ज्यादा चंदा, भारत निर्वाचन आयोग की सार्वजनिक रिपोर्ट में हुआ खुलासा
UP: No one has given more than 20 thousand donations to BSP, Mayawati’s party, disclosed in the public report of the Election Commission of India

बसपा का बयान उसके कथित दावे के अनुरूप है कि उसे केवल कम कमाई वाले लोगों से ही धन मिलता है। मायावती के नेतृत्व वाली पार्टी ने पिछले कई सालों से यह रुख बनाए रखा है। निर्वाचन आयोग 20,000 रुपये की सीमा को खत्म करने पर जोर दे रहा था ताकि पार्टियों के लिए उन्हें मिले सभी स्वैच्छिक दान को उसके संज्ञान में लाना अनिवार्य हो, चाहे चंदे की रकम कुछ भी हो।
बता दें कि राजनीतिक दलों के लिए आय का प्रमुख स्रोत चंदा है। राजनीतिक दलों को मिले चंदे के ताजा आंकड़ों की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में देश की राष्ट्रीय पार्टियों को 3753 लोगों ने 20 हजार या उससे अधिक की रकम बतौर चंदा दी है। दलों को 20 हजार या उससे अधिक का चंदा ही 593 करोड़ 75 लाख रुपये मिला है।

 

 

 

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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