- विनोद मिश्रा
बांदा। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने शनिवार पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री से लखनऊ में मुलाकात की। प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में भगवान नीलकंठ मंदिर सहित कई तीर्थ व पौराणिक स्थल हैं। यहां का विहंगम दृश्य देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। लेकिन, यहां पर्यटन स्थल के हिसाब से कोई सुविधाएं नहीं हैं।

इसके अलावा अतर्रा का गौराबाबा धाम भी भक्तों के आस्था का केंद्र है। यहां तालाब का सुंदरीकरण कराने के साथ एक रंगमंच बनवाया जाए। इसके अलावा भक्तों के बैठने के लिए टिनशेड और पेयजल की अच्छी व्यवस्था कराई जाए। वहीं कालिंजर दुर्ग में विंध्य पर्वत की श्रृंखाल है। यह दुर्ग अजेय है। यहां प्राचीन मंदिर व जलाशय बने हैं। भगवान नील कंठ का अति प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के बाद निकले विष को पान करने के बाद भगवान शिव को यहां शांति मिली थी।

इस दुर्ग पर विजय पाने के लिए मुगल शासक शेरशाह सूरी, कुतबुद्दीन एवक, हुमायूं आदि ने यहां आक्रमण किया था, लेकिन विजय नहीं पा सके। यहां कार्तिक पूर्णिमा पर तीन दिवसीय भव्य मेला लगता है। इसमें लाखों भक्त आते हैं। यहां भक्तों व सैलानियों के लिए शौचालय, छाया, पेयजल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था नहीं हैं। सड़क भी जीर्ण शीर्ण है। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण, सुविधाएं मुहैया कराने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही पर्यटन स्थलों का भी आकर्षण और आय बढ़ेगी।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
