25.3 C
Lucknow
October 11, 2026
City News Uttar Pradesh
ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया खारिज, याचिकाकर्ता को जमकर लगाई फटकार
उत्तर प्रदेश

ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया खारिज, याचिकाकर्ता को जमकर लगाई फटकार

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आगरा के ताजमहल में बंद पड़े 22 कमरों को खुलवाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में कड़ी फटकार भी लगाई है। ताजमहल के 22 कमरों को खुलवाने के साथ ही सर्वे कराने की याचिका खारिज होने पर याचिका दायर करने वाले भाजपा नेता डा रजनीश सिंह ने कहा कि हम सर्वे के मामले को अब सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे।

ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया खारिज, याचिकाकर्ता को जमकर लगाई फटकार
Allahabad High Court dismissed the petition seeking to open 22 rooms of the Taj Mahal, reprimanded the petitioner fiercely

न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने याचिका पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकती है।खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील रुद्र विक्रम सिंह को भी बिना कानूनी प्रावधानों के भी याचिका दायर करने के लिए खिंचाई की। बेंच ने उससे यह भी कहा कि याचिकाकर्ता यह नहीं बता सकता कि उसके किस कानूनी या संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। दलीलों के बाद जब पीठ याचिका खारिज करने जा रही थी तो याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से याचिका वापस लेने और बेहतर कानूनी शोध के साथ एक और नई याचिका दायर करने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन पीठ ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ताजमहल के संबंध में दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने याचिका को पोषणीय न मानते हुए खारिज किया है।

ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया खारिज, याचिकाकर्ता को जमकर लगाई फटकार
Allahabad High Court dismissed the petition seeking to open 22 rooms of the Taj Mahal, reprimanded the petitioner fiercely

– कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर लगाई फटकार

न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय ने कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील को जमकर फटकारा। उन्होंने कहा कि पीआइएल व्यवस्था का दुरुपयोग न करें। जाकर रिचर्स करो कि ताजमहल किसने बनवाया। किसी यूनिवर्सिटी जाओ, वहां पर ताजमहल पर पीएचडी करो। उसके बाद कोर्ट आना। अगर कोई ताजमहल पर रिसर्च करने से रोके तक तब हमारे पास आना। उन्होंने कहा कि कल को आप यहां पर आएंगे और कहेंगे कि आपको जजों के चेंबर में जाना है। इतिहास आपके मुताबिक नहीं पढ़ाया जाएगा।

 

 

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

यूपी में ओमिक्रॉन वैरिएंट की दस्तक: गाजियाबाद के दंपती में संक्रमण की पुष्टि, अलर्ट जारी

City News Uttar Pradesh

बालू खनन में योगी सरकार के खजाने को पटखनी बालू ठेकेदारों का खजाना बना “कुबेर” !

“मन की बात” के बाद विधायक प्रकाश के साथ भाजपा का चुनाव प्रचार चढ़ा परवान

जेएन महाविद्यालय में वाटर कूलर की मांग को लेकर छात्र भड़के : प्राचार्य को दिया ज्ञापन

City News Uttar Pradesh

महंगाई से थोड़ी राहत : दाल रोटी खाओ “हरी के गुण गावो”

Banda : डीएम बांदा “गन” का इस्तेमाल कर बचवायें फसले, बुलाई “गन टीम”।

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़