– पूरा दिन कलेक्ट्रेट में रही राजनीतिक दलों के लोगों की आवाजाही
– राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
– मृतक परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग
– सुरक्षा के लिहाज से पूरा दिन तैनात रही पुलिस फोर्स
- विनोद मिश्रा
बांदा। लखीमपुर खीरी में जिस तरह से किसानों को वाहन से कुचला गया, उसके बाद तो किसान संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों के लोगों में उबाल आ गया। सभी ने सूबे की सरकार को नाकाम करार दिया। लखीमपुर में हुई घटना के लिए सूबे की सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। कहा गया कि सरकार तो अब किसानों की हत्या करने पर उतारू हो गई है। बसपा को छोड़ दिया जाए तो कांग्रेस, सपा, प्रसपा, बुंदेलखंड किसान यूनियन, बुंदेलखंड इंसाफ सेना आदि ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा और मृतक परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सपा जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव की अगुवाई में सपाइयों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने जा रहे थे, जिन्हें प्रदेश सरकार ने गिरफ्तार कर लिया है, जो निंदनीय व अलोकतांत्रिक है। हसनुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सरकार अब किसानों की हत्या करने पर उतारू हो गई है।

पूर्व सीबीआई अधिकारी व सपा नेता अनिल यादव ने कहा कि मृतक किसान के परिजनों को दो-दो करोड़ रुपए की आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। शेखर शर्मा ने केन्द्रीय गृहमंत्री व गृह राज्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव व ओमनारायण त्रिपाठी विदित ने भाजपा सरकार की तीखे शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अन्नदाता की मदद करने के बजाय सूबे की सरकार उन पर सितम ढा रही है, जिसे किसी भी दशा में पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान आमिर खान मन्नी, रवि दिवाकर, आसिफ हुसैन, विद्यासागर तिवारी, राजबहादुर कुशवाहा, मोहन साहू, योगेश नामदेव, प्रदीप जड़िया, वृंदावन वैश्य, राजेंद्र यादव सहित सैकड़ों की संख्या में सपाई मौजूद रहे।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न कुमार दुबे उर्फ लालू की अगुवाई में कांग्रेसियों ने अशोक स्तंभ तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लखीमपुर खीरी में हुई घटना के लिए भाजपाइयों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही हमारी राष्ट्रीय नेता प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर भाजपा सरकार ने यह दर्शा दिया कि अब कोई पीड़ितों की मदद भी नहीं कर सकता। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा व नौकरी दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान केशव पाल, मोहम्मद इदरीश, अखिलेश कुमार शुक्ला, राजेश गुप्ता पप्पू समेत सैकड़ों की संख्या में कांग्र्रेसी मौजूद रहे। इधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष इमत्याज खान व आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम को ज्ञापन भेजा।

कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उनकी नृशंस हत्या की गई है, जो अमानवीय है। मांग की गई कि मंत्री पुत्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार करने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को निर्देशित किया जाए। इस मौके पर नरेंद्र प्रताप सिंह, कैलाश प्रसाद , वचस्पति मिश्र, विनय कुमार, संतोष गुप्त, नीरज सिंह कछवाह, योगराज सिंह, अनुभव सिंह कछवाह, रवि प्रताप सिंह, जितेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे। इनके अलावा प्रसपा पदाधिकारी शिवमोहन, साजिद सौदागर, शानू मुस्तफा, राजेश कुमार, रामविलास, सबाना खान, संगीता, जगतपाल उर्फ भगत सिंह यादव, विकास यादव, दिगंबर राजपूत, राकेश कुमार शुक्ला, द्वारिका प्रसाद, दिनेश लोहिया, रामफल त्यागी, धनेश सोनी आदि मौजूद रहे।

वहीं बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी ने महामहिम को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि लखीमपुर खीरी के टिकुनिया में जितने भी किसान मारे गए हैं उन सभी किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो बुंदेलखंड इंसाफ सेना एक वृहद आंदोलन करेगी। इस दौरान राजवीर यादव, अकील खान, नीरज सिंह, रमेश सिंह, सुरेश कुमार, हेमंत कुमार आदि मौजूद रहे।

बुन्देलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा की अगुवाई में किसान संयुक्त मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इस दौरान विमल शर्मा ने मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उनके बेटे सहित नौ आरोपियों के ऊपर हत्या का मामला दर्ज करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता व उनके जीवन यापन के लिए सरकारी नौकरी दिलाई जाए। तीनो कृषि कानूनों को रद्द करते हुए एमएसपी पर कानून बनाया जाए। इस दौरान श्याम सरोज पाठक, गौरव त्रिपाठी, पंकज द्विवेदी, पिंकू यादव, योगेंद्र शुक्ला, आदित्य मिश्र, राहुल शर्मा, राजाराम निषाद, मनीष शुक्ला आदि मौजूद रहे।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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