– पांच महीने की मशक्कत के बाद चुने गए ये सात चेहरे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम राजभवन के गांधी सभागार में हुआ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में सात नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री के रूप में जितिन प्रसाद को शपथ दिलाई।

योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्ता रविवार को हो गया। जितिन प्रसाद (ब्राह्मण) को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं, राज्यमंत्री के रूप में छत्रपाल गंगवार (कुर्मी), पलटूराम (जाटव), संगीता बलवंत बिंद (निषाद), संजीव कुमार गोंड (अनुसूचित जनजाति), दिनेश खटीक (सोनकर), धर्मवीर प्रजापति (प्रजापति समाज), छत्रपाल सिंह गंगवार (कुर्मी) को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

उत्तर प्रदेश में लम्बे समय से चल रही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा पर आज विराम लग गया। जून तथा जुलाई में चर्चा ने जोर पकड़ा तो अगस्त के अंतिम हफ्ते में तो मंत्रियो के नाम के साथ ही शपथ लेने की तारीख भी तय होने लगी थी। मंत्रिमंडल विस्तार में एक ब्राह्मण जितिन प्रसाद के अलावा छह अन्य नेताओं को शपथ दिलाई गई है। इन छह में से एससी-ओबीसी जाति वर्ग से आते हैं।

सात नए मंत्रियों की शपथ के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह टीम दृढता के साथ काम करेगी और जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल हुए सभी नए सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि आपकी ऊर्जा, प्रतिबद्धता, अनुभव एवं जन पक्षधरता ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करने में सहयोगी सिद्ध होगी। आप सभी के उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत मंगलकामनाएं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के दर्शन को प्रतिबिंबित करता है। आज का विस्तार हर तबके को प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन की भावना, समरसता का संदेश तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अवसर प्रदान करने की मंशा से ओतप्रोत है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास, सबको सम्मान, सबको स्थान। यही है भाजपा की पहचान। भाजपा ने सबको दिया सम्मान। विपक्षी दल-नेता हो गए हैं परेशान। पहली बार अलग-अलग समाजों को मंत्री बनने का सम्मान सहित स्थान। मंत्रिमंडल विस्तार में शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्रीगणों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल हुए सभी नए सदस्यों को उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की 24 करोड़ जनता के लिए जो जनहित व जनकल्याण के काम किए जा रहे हैं उसमे मंत्रिमंडल में शामिल सभी नए सदस्य और गति देने का काम करेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी टीम में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखा है। मंत्रिमंडल विस्तार में पश्चिमी यूपी के शाहजहांपुर, आगरा, मेरठ और बरेली से एक-एक मंत्री बनाया गया है। जबकि पूर्वांचल के गाजीपुर, सोनभद्र और अवध के बलरामपुर से एक मंत्री बनाया गया है।
– 60 मंत्रियों की संख्या पूरी
प्रदेश सरकार के रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रिमंडल के 60 सदस्यों की संख्या पूरी हो गई। योगी सरकार में अब 24 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, 27 राज्यमंत्री हैं।
– मंत्रिमंडल में चार महिला बरकरार
योगी मंत्रिमंडल में चार महिला मंत्रियों की संख्या बरकरार रखी गई है। दिवंगत कमला रानी वरुण के निधन के बाद गाजीपुर विधायक डॉ. संगीता बलवंद बिंद को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। नीमिला कटियार, स्वाति सिंह और गुलाबदेवी पहले से मंत्रिमंडल में शामिल हैं।

– जितिन प्रसाद
जितिन प्रसाद मूलत: कांग्रेस पृष्ठभूमि से रहे हैं। उनके पिता जितेंद्र प्रसाद भी केंद्र सरकार में मंत्री रहे और प्रदेश में कांग्रेस के ब्राह्मण चेहरे माने जाते थे। 2001 में युवक कांग्रेस की राजनीति से सियासी कॅरिअर की शुरुआत करने वाले जितिन युवक कांग्रेस के महासचिव भी रहे। वे 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 2009 में धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद यूपीए सरकार में सड़क परिवहन राज्यमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री और मानव संसाधन मंत्री रहे। जितिन पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रभारी भी रहे हैं। जितिन ने इसी वर्ष 9 जून को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

– छत्रपाल गंगवार
बरेली के बहेड़ी निवासी छत्रपाल गंगवार कुर्मी जाति से हैं। अर्थशास्त्र में एमए छत्रपाल 1979 से 2009 तक इंटर कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता रहे। वे 1985 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में 1987 तक आरएसएस के जिला प्रचारक और 1993 तक विभाग शारीरिक प्रमुख रहे। 2002 विधानसभा चुनाव में बहेड़ी से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। 2007 में पहली बार वे बहेड़ी से विधायक चुने गए। 2012 में 18 वोटों से चुनाव हार गए और 2017 में फिर बहेड़ी से विधायक चुने गए।

– पलटूराम
गोंडा के रहने वाले पलटूराम ने एमए तक शिक्षा अर्जित की है। छात्र राजनीति से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पलटूराम को कैसरगंज के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता है। खटीक जाति के पलटूराम गोंडा में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे हैं। उनकी पत्नी ज्ञानवती भी गोंडा से जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं।

– धर्मवीर प्रजापति
धर्मवीर प्रजापति मूलरूप से हाथरस के निवासी है। धर्मवीर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में भी रहे। भाजपा के ओबीसी मोर्चा से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले धर्मवीर को 2002 में ओबीसी मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। धर्मवीर दो बार भाजपा के प्रदेश मंत्री रहे। 2019 में उन्हें माटीकला बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जनवरी 2021 में प्रजापति को विधान परिषद सदस्य मनोनीत किया गया था।

– दिनेश खटीक
44 वर्षीय दिनेश खटीक मेरठ के रहने वाले हैं। 2017 में वे पहली बार मेरठ के हस्तिनापुर से विधायक चुने गए। आरएसएस से जुड़े रहे दिनेश के पिता भी स्वयं सेवक में रहे है। 2007 में उन्हें पहली भाजपा का जिला मंत्री और 2013 में जिला महामंत्री बनाया गया। उनके छोटे भाई जिला पंचायत सदस्य हैं। उनका ईंट-भट्टे का व्यवसाय है।
– संजीव कुमार
सोनभद्र के रहने वाले संजीव कुमार गोंड ओबरा कॉलेज से स्नातक हैं। 2017 में वे पहली बार ओबरा से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। संजीव के दादा रघुनाथ प्रसाद लगातार 35 साल तक ग्राम प्रधान रहे हैं। संजीव योगी मंत्रिमंडल में पहले अनुसूचित जनजाति के मंत्री हैं। वे वनाधिकार समिति के भी अध्यक्ष रहे हैं। संजीव की पत्नी लीलादेवी ब्लॉक प्रमुख हैं।

– डॉ. संगीता बलवंत
गाजीपुर सदर से विधायक डॉ. संगीता बलवंत मूलत: छात्र राजनीति से जुड़ी रहीं है। संगीता महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति भी रह चुकी हैं। वे जिला पंचायत सदस्य रही हैं। बाल साहित्य पर उनकी कई पुस्तकें हैं। संगीता को हिंदी संस्थान की तरफ से सूर सम्मान, दलित साहित्य अकादमी की ओर से वीरांगना सावित्री बाई फुले अवॉर्ड के अलावा काव्य श्री, उप्र साहित्य परिषद द्वारा इंदू भूषण शर्मा नीटू पुरस्कार तथा कबीर सम्मान मिल चुके हैं। एमआईटी भारतीय छात्र संसद द्वारा आदर्श युवा विधायक 2020 से भी उन्हें नवाजा जा चुका है। वे एलएलबी, बीएड तथा पीएचडी कर चुकी हैं।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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