- विनोद मिश्रा
बांदा। अब बारिश के दिनों में भी प्याज की फसल लहलहाएगी। कृषि विश्वविद्यालय की गठिया तकनीक से तैयार ये प्याज सड़ेगा नहीं साथ ही उस समय बाजार में होगा जब सर्दी से पहले दाम आसमान छूते हैं। उपज के अच्छे दाम मिलेंगे तो अन्नदाता भी समृद्ध होंगे।

बुंदेलखंड का मुख्य व्यवसाय कृषि आधारित है। झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर में करीब 20.11 लाख हेक्टेयर में रबी व खरीफ सहित कई अन्य फसलें पैदा होती हैं। यहा का एक बड़ा हिस्सा एक फसली (वन क्रॉप) भी है। ऐसे इलाकों में साल के पाच से छह महीने खेत खbundelkhandली रहते हैं। खेती की इन विषमताओं को पाटने के लिए कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय नित नई ,प्रजातियां तैयार कर रहा है। वैज्ञानिकों की लगन से अब प्याज उत्पादन में भी यहा क्रातिकारी बदलाव दिखेंगे।
चित्रकूट धाम मंडल में अभी कृषि क्षेत्रफल के लिहाज प्याज उत्पादन का हिस्सा बहुत ही कम महज 12 से 15 सौ हेक्टेयर तक सिमटा है। बहुत से किसानों का प्याज उत्पादन तो घरेलू उपयोग तक ही सीमित है। प्याज को अब किसानी की मुख्य धारा में लाकर इसे मुनाफे का आधार बनाने को विश्वविद्यालय के सब्जी विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने बारिश सहित पूरे साल प्याज पैदावार की तकनीक विकसित की है। इससे प्याज व सब्जी उत्पादन में बुंदेलखंड सहित प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर हो सकेंगे। ये फार्मूला कम लागत में अच्छे मुनाफे पर आधारित है।

बारिश में प्याज उत्पादन के लिए गठिया तैयार करने को 15 जनवरी से 15 फरवरी तक नर्सरी डालने का समय है। अप्रैल अंत से 15 मई तक नर्सरी की खोदाई कर प्याज की गठिया को हवादार घर में फैलाकर सुरक्षित रखा जाता है। 15 अगस्त के बाद खेत में मेड़ बनाकर उसके दोनों तरफ ज्वार और धान के साथ ही 20 गुणा 10 सेमी. की जगह पर गठिया लगाया जाता है। करीब 75 दिन बाद प्याज हो जाता है।

डा. सिंह ने बताया कि गठिया से बारिश में प्याज उत्पादन को लेकर 2018 से मूल्याकन चल रहा है। इस विधि को अब किसानों के खेतों में पहुंचाना शुरू कर दिया गया है। लगातार किसान इससे जुड़ रहे हैं। इसका उत्पादन करीब दो से ढाई क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है। कृषि विश्वविद्यालय ने गठिया से गुणवत्तायुक्त प्याज उत्पादन की तकनीक विकसित की है। यह बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक सिद्ध होगी।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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