City News Uttar Pradesh
अफसरों की जंग में खुला भ्रष्टाचार का काला साम्राज्य: करोड़ों की 'योजनाओं' में हुआ 'खेल'
उत्तर प्रदेश

अफसरों की जंग में खुला भ्रष्टाचार का काला साम्राज्य: करोड़ों की ‘योजनाओं’ में हुआ ‘खेल’

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। पंचायत राज विभाग इन दिनों “घोटालों, आरोपों और अफसरों” की “जंग का अखाड़ा” बन चुका है। एक ओर महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए अभद्रता के आरोप हैं, तो दूसरी ओर उन्हीं आरोपों के बीच करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले के केंद्र में हैं उप निदेशक (पंचायत) परवेज आलम खां, जिन पर डीपीआरओ कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ा कि चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने उप निदेशक से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असल तहलका तो तब मचा, जब उप निदेशक ने खुद ही पूरे विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।

विकास की रकम हो गई हजम: शून्य एंट्री से मचा हड़कंप, डीपीआरओ को नोटिस

सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और मॉडल ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जारी किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। आरआरसी सेंटरों पर ताले लटके मिले। कूड़ा उठाने के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा इस्तेमाल के बजाय निजी ठिकानों पर खड़े हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है, एक-एक कर्मचारी के भरोसे बड़े इलाके हैं। “कागजों में विकास दौड़ रहा है,लेकिन जमीन पर बदहाली पसरी” हुई है ! सूत्रों के मुताबिक, कई योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमे हैंडपंप मरम्मत में गड़बड़ी, खंडजा, नाली और तालाब खुदाई में धांधली, मुक्तिधाम और सड़कों के निर्माण में मनमानी और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ।

डीएम रीभा का 'विकास भवन' में 'छापा': 11 अफसर गायब 35 कर्मियों का रोका 'वेतन'

यह सब बताता है कि भ्रष्टाचार सिर्फ एक जगह नहीं,बल्कि पूरे सिस्टम में फैला हुआ है। पिछले पांच सालों में 480 ग्राम प्रधानों और सचिवों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई ! कई मामलों में निलंबन और वेतन रोकने जैसे कदम उठाए गए, लेकिन कुछ ही समय बाद सब सामान्य हो गया। क्या ऊपर तक मिलीभगत थी ? इस पूरे घटनाक्रम ने तब नया मोड़ लिया जब दो बड़े अधिकारी आमने-सामने आ गए। एक तरफ महिला कर्मियों के आरोप, दूसरी तरफ उप निदेशक की तहरीर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई अधिकारी और कर्मचारी अब खुद को बचाने के लिए लखनऊ की दौड़ लगा रहे हैं।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

यूपी : पीएम मोदी के करीबी एके शर्मा नहीं बन पाए डिप्टी सीएम, बने डिप्टी उपाध्यक्ष …

City News Uttar Pradesh

पालिकाध्यक्ष मालती द्वारा ‘आरसीसी रोड’ का उद्घाटन: नगर में ‘विकास की रफ्तार’ हुई ‘तेज’

लूट का पर्दाफाश: एसओजी की मुठभेड़ में तीन गिरफ्तार, एक घायल

City News Uttar Pradesh

जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील बोले : सदस्यता अभियान की मच चुकी है धूम

City News Uttar Pradesh

विधायक प्रकाश की लोकप्रियता ‘सर्वे’ में ‘गगनचुंबी’: सदर सीट के फिर बनें ‘मजबूत’ दावेदार

City News Uttar Pradesh

नरैनी विधानसभा बनेगी ‘हॉट सीट’: वीरेंद्र साक्षी की ‘एंट्री’ से बदल सकते हैं ‘चुनावी समीकरण’

ब्रेकिंग न्यूज़