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पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: 'नाला' बनी 'धारा' अब किसानों की जीवन रेखा !
उत्तर प्रदेश

पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: ‘नाला’ बनी ‘धारा’ अब किसानों की जीवन रेखा !

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

हमीरपुर। चित्रकूट मंडल के हमीरपुर जिले में बहने वाली ‘चंद्रावल नदी का पुनर्जन्म’ पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक प्रयासों की एक ‘प्रेरक कहानी’ बन गया है। ‘कभी प्रदूषण और उपेक्षा के कारण नाले में तब्दील’ हो चुकी यह नदी अब फिर से ‘स्वच्छ और जीवंत धारा’ के रूप में बह रही है। इसके पुनर्जीवन से न केवल पर्यावरण को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के लिए यह नदी एक बार फिर जीवनरेखा बन गई है।

पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: 'नाला' बनी 'धारा' अब किसानों की जीवन रेखा !

महोबा जिले से निकलने वाली चंद्रावल नदी हमीरपुर जिले के ग्राम पंचायत गुडा से लेकर ग्राम पंचायत कैथी तक लगभग 68 किलोमीटर तक बहती है। इसके बाद यह बांदा जिले में प्रवेश कर अंततः केन नदी में समाहित हो जाती है। कभी इस नदी की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि लोग इसे नदी नहीं बल्कि एक प्रदूषित नाला कहने लगे थे। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: 'नाला' बनी 'धारा' अब किसानों की जीवन रेखा !

चंद्रावल नदी के पुनरुद्धार का कार्य नमामि गंगा कार्यक्रम और मिशन जलोदय के तहत शुरू किया गया। इस अभियान में जिला प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। प्रशासन ने नदी को 19 खंडों में विभाजित कर योजनाबद्ध तरीके से सफाई और पुनर्जीवन का काम शुरू किया।

पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: 'नाला' बनी 'धारा' अब किसानों की जीवन रेखा !

नदी से भारी मात्रा में गाद निकाली गई, वर्षों से जमा कचरे को हटाया गया और औद्योगिक अपशिष्ट पर कड़ी निगरानी रखी गई। साथ ही जल की गुणवत्ता की नियमित जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि नदी का पानी स्वच्छ बना रहे। महीनों तक चले इस अभियान के बाद दिसंबर 2025 में चंद्रावल नदी का पुनरुद्धार सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

पुनर्जीवित हुई चंद्रावल: 'नाला' बनी 'धारा' अब किसानों की जीवन रेखा !

आज यह नदी साफ पानी के साथ निरंतर बह रही है और आसपास के गांवों के लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है, जिससे खेती को नई ताकत मिली है। इसके साथ ही नदी के पानी से मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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