
- विनोद मिश्रा
बांदा। संभागीय परिवहन कार्यालय में दलालों की “चांदी” है। विभाग के छोटे से लेकर बड़े साहब की कृपा पूरी तरह “मेहरबान” हो “बरस” रही है विभाग के इर्दगिर्द दलालों का दफ्तर और जमघट आबाद है ! विभागीय अधिकारी भी “स्वंय का हित” देखते हुये “सख्ती” की जगह “नरमीकी मुस्कान बिखेरें” है।

परिवहन कार्यालय में वाहन संबंधी कार्यों के लिए रोजाना बड़ी संख्या में वाहन स्वामी और चालक आते हैं। कार्यालय के आसपास ठिकाना बनाए दलाल उन्हें अपने जाल में फंसाकर निर्धारित शुल्क से कई गुना ज्यादा रुपये ऐंठ लेते हैं। पिछले वर्ष परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू के यहां दौरे में विभागीय अधिकारियों ने कार्यालय से लेकर आसपास छानबीन की। अनावश्यक लोगों को वहां से चलता कर दिया था।

लेकिन यह सख्ती कुछ चंद दिन ही सख्ती टिकी थी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शंकर सिंह की “दलालों के प्रति दयालुता” फिर उफान मारने लगी औऱ स्थिति यथावत हो गई ! दलालों का वर्चस्व विभाग औऱ अधिकारियों पर फिर “हिलोरें” ले रहा है। “खाओ और खिलाओ” का करिश्मा चालू है।

फिर भी संभागीय परिवहन अधिकारी शंकर सिंह यही राग अलाप रहे है की परिवहन कार्यालय से संबंधी सभी कार्य अब ऑनलाइन हो चुके हैं। ऐसे मे दलाल या बिचौलियों की दाल ज्यादा नहीं गल पा रही। वाहन स्वामी सीधे कार्यालय में संबंधित पटल या अधिकारियो से संपर्क करें।
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