- विनोद मिश्रा
बांदा। बुंदेलखंड की प्यास जगजाहिर है। एक समय था जब जगह-जगह स्थापित कुआं राहगीर की प्यास बुझाते थे। वर्षा जलसंरक्षण के अहम स्त्रोत कुएं हमारे लिए वरदान थे। इनके शीतल जल से सभी की प्यास बुझती थी। वर्षा की बहुमूल्य बूंदों का संरक्षण भी इन्हीं कुओं के द्वारा होता था। समय के बदलाव के साथ कुएं वीरान हो गए हैं। यही हाल जिले के कस्बा नरैनी का है। अभिलेखों में दर्ज दो दर्जन से अधिक कुओं में आधे ही प्रयोग लायक बचे हैं जबकि इनका संरक्षण जरूरी है क्योंकि नीर बचाना है तो कुओं की पीर मिटानी होगी।

एक जमाना था कि कुओं का पानी अत्यंत सुपाच्य व गुणकारी होता था। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए कुओं को पूजती थी। पुरानी संस्कृति वाले ऐसे कार्यक्रम धीरे धीरे विलुप्त होने लगे। आज इन कुओं की यह स्थिति है कि आधे से अधिक में अतिक्रमण का शिकार हैं। कुछ तो कूड़े के ढेर में पट गए। किसी का पानी प्रयोग के अभाव में विषैला होकर पीने योग्य नहीं रह गया। पेयजल समस्या खड़ी होने पर शासन ने कस्बों से लेकर गांव-गांव पीने के पानी के लिए हैंडपाइप लगवा दिए। ग्रामीणों को जब दरवाजे पर ही पानी मिलने लगा तो उनका कुओं से पानी लाने का रुझान धीरे-धीरे खत्म होता चला गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि कुओं की उपेक्षा शुरू हो गई। नगर पंचायत के अभिलेखों में 23 कुआं दर्ज है जिसमे 10 निष्प्रयोज्य है। 13 कुआं प्रयोग में है।कस्बा के मोहल्ला किदवई नगर में रामलीला परिसर में स्थित बड़ा कुआं के नाम से जाना जाने वाले कुएं की वर्तमान स्थिति यह है कि पानी विषाक्त हो जाने के कारण उसे लोहे के जाल से पाट दिया गया। मोहल्ले के ज्ञानेंद्र पांडेय के अनुसार इस कुएं के पानी को जांच के लिए नमूना भेजा गया था जिसमें इस कुएं का जल विषैला पाया गया। कई बार पशुओं के गिर जाने के कारण इसे पाट दिया गया। इसी प्रकार मोहल्ला रामनगर में बद्री सेठ का कुआं घोर उपेक्षा का शिकार है जो निष्प्रयोज्य है। चार दशक पूर्व नगर में आने वाली बारात सेठ के राइस मिल में ठहरती थी। कुएं के शीतल जल से बारातियों का स्वागत सत्कार होता था।

नगर के बुजुर्ग बद्री, मैयादीन , भाऊ आदि का कहना है कि नगर में तालाबों के साथ कुओं का एक जमाने में महत्व था। – नगर पंचायत कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कस्बा के पटेल नगर मोहल्ला में स्वीपर बस्ती व शंकर मंदिर के पास, रामनगर मोहल्ला में दशरथ कोटार्य के पास, जवाहर नगर मोहल्ला में राजन शुक्ला के पास कुओं का सुंदरीकरण कराया गया है। इसी प्रकार सभी कुओं का जीर्णोद्धार कराया जाना प्रस्तावित है।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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